सिर्फ एक गाय देती है दूध, फिर भी आत्मनिर्भर है गोशाला
यह गोशाला देश भर के लिए नजीर है। इसमें 51 गोवंश हैं, जिनमें 40 बछड़े और बैल शामिल हैं। बाकी 11 गायों में से महज एक गाय दूध देती है। फिर भी गोबर गैस संयंत्र जैसे कदम से आत्मनिर्भर बन गई है। साथ ही गोवंश सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। ग्राम प्रधान ने बताया कि गोशाला नहीं बनाने पर गोबर बाहर से लाना पड़ता, जिसमें किराया और डीजल खर्च होता। इस पहल से गोसेवा भी हो रही है और पशुओं के चारे का खर्च भी शून्य है। सभी पशु जंगल में चरते हैं और शाम को आश्रय स्थल में आराम करते हैं।
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गैस प्लांट में बनने वाली खाद हाथों-हाथ बिक रही
गोबर से बनी खाद इतनी बढ़िया होती है कि किसान उसे हाथों-हाथ खरीदकर ले जाते हैं। अब केंचुओं से वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने पर भी काम चल रहा है।