बीते 16-17 जून को केदारनाथ में मची प्रलय के दो माह बाद केदारधाम फिर से जग-मग हो गया है। केदारधाम में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
बीस दिन की कड़ी मशक्कत के बाद उरेडा ने केदारनाथ धाम स्थित अपनी सौ किलोवाट की परियोजना को मरम्मत कर शुरू कर दिया।
15 अगस्त को हुआ रोशन
इसके बाद दो माह से अंधेरे में डूबा धाम में 15 अगस्त को फिर रोशन हो गया। उरेडा ने पावर हाउस से धाम में कैंप कर रहे पुलिस और एनडीआरएफ जवानों को भी आपूर्ति देनी शुरू कर दी है।
उरेडा के अधिशासी अभियंता एके त्यागी ने बताया कि वर्ष 1995 में केदारनाथ में 100 किलोवाट की जलविद्युत परियोजना बनाई गई थी।
मंदिर में बिजली
इससे 2004 तक मंदिर और आसपास आपूर्ति की जाती थी। 2004 में ऊर्जा निगम के आपूर्ति देने के बाद पावर हाउस से सिर्फ मंदिर में ही बिजली दी जा रही थी।
बताया कि आपदा में पावर हाउस को नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन 148 मीटर पाइप बहने से उत्पादन बंद हो गया था। बताया कि 27 जुलाई को मरम्मत का काम शुरू किया गया, जिसमें बीस दिन का वक्त लगा।
15 अगस्त को केदारनाथ में आपूर्ति बहल कर दी गई। इससे अब यहां आने वालों को अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा।