महिलाओं ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि कोई दो सौ तो कोई तीन सौ रुपये प्रति बीघा मुआवजा मिलने की बात कर रहा है। ऐसे में उनके बच्चे कैसे पले पढ़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी को ढांढस बंधाया और अपने स्तर से समुचित मदद का भरोसा भी दिलाया।
इस दौरान हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष राव आफाक अली, कांग्रेस नेता अमर सिंह नायक, धर्मेंद्र चौहान, रविंद्र कुमार, मनीष कर्णवाल, गुलशन अंसारी, आदित्य चौहान, विक्रम खरोला, धर्मेंद्र चौहान, हनीफ अंसारी, इरशाद अली आदि मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने क्षेत्र के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारी बार-बार सर्वे कर मुआवजा दिलाने की बात कर रहे हैं। सर्वे के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। कोई भी सर्वे करने वाला अधिकारी खेतों में जाने के बजाय गांव में अपने चहेतों के साथ बैठकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। मनमर्जी तरीके से प्रभावित किसानों की सूची तैयार की जा रही है। ऐसे में किसे मुआवजा मिलेगा और किसे नहीं इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी सुध लेने के लिए अभी तक कोई भी नहीं पहुंचा है।
दिल्ली के मुखिया अरविंद केजरीवाल की राह पर चलकर अब कांग्रेस उत्तराखंड में सरकार बनने के बाद बिजली-पानी मुफ्त देगी। उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश की जनता ने हमें सरकार बनाने का अवसर दिया तो हम बिजली-पानी मुफ्त देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की गलत नीतियों से उत्तराखंड नशे का हब बन गया है। सोमवार को यहां वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मुकेश मेहरोत्रा के शोरूम पर कांग्रेसियों ने रावत का स्वागत किया। इस मौके पर रावत ने कहा कि कार्यकर्ताओं में एकता रही तो आगामी चुनाव में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत मिलेगा।
कांग्रेस की सरकार बनी तो जनता को 250 यूनिट तक घरेलू बिजली और पानी मुफ्त दिया जाएगा। सरकार ने देव भूमि को नशामुक्त करने के बजाए शराब पीने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए शराब की कीमतें घटा दी हैं। मेरी सरकार ने काशीपुर शुगर मिल से किसानों का बकाया लगभग 25 करोड़ रुपया दिलाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी थी, लेकिन फिर सरकार चली गई। वर्तमान सरकार ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया।