उत्तराखंड के 45 विद्युत फीडर पर सबसे अधिक बिजली चोरी हो रही है। इनमें से एक फीडर तो ऐसा भी है, जिस पर 90 प्रतिशत से ऊपर बिजली चोरी हो रही है। ऊर्जा मंत्रालय देशभर के 32,887 फीडर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग कर रहा है।
बिजली चोरी के मामलों में राजस्थान, केरल, हरियाणा, यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड प्रमुख राज्य हैं। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी इंटिग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के डाटा के मुताबिक पूरे देश में इस वक्त 298 फीडर ऐसे हैं, जिन पर 90 प्रतिशत से ऊपर बिजली चोरी की जा रही है। इनमें से उत्तराखंड में भी एक फीडर है। इसके अलावा करीब 200 फीडर ऐसे हैं, जिनमें 75 से 90 प्रतिशत तक बिजली चोरी की जा रही है।
30 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस
केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में उज्ज्वल डिस्कॉम्स एश्योरेंस योजना (उदय) लांच की थी। उस समय टारगेट रखा गया था कि वर्ष 2019 तक सभी राज्यों में लाइन लॉस 15 फ ीसदी से कम किया जाए। बावजूद इसके कई राज्यों में 30 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस रिकॉर्ड किया जा रहा है। इन राज्यों में लाइन लॉस रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार दबाव बना रही है।
उत्तराखंड के 47 फीडर पर सबसे ज्यादा बिजली का लॉस
-मिनिस्ट्री ऑफ पावर कर रहा है ऑनलाइन मॉनिटरिंग
-एक फीडर में 90 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस
-बिजली चोरी के चलते आठ फीडर पर 75 से 90 प्रतिशत लॉस
-लाइन लॉस में महाराष्ट्र पहले नंबर पर, उत्तराखंड भी आगे
किस राज्य में कितना लाइन लॉस (फीडर संख्या)
राज्य का नाम - 90 प्रतिशत से ऊपर चोरी - 75-90 प्रतिशत चोरी
अरुणाचल प्रदेश 6 1
असम 10 14
बिहार 21 21
छत्तीसगढ़ 18 4
गुजरात 2 1
हरियाणा 26 4
हिमाचल प्रदेश 2 2
जम्मूकश्मीर 6 3
झारखंड 4 19
कर्नाटक 0 1
केरल 31 13
मध्य प्रदेश 6 12
महाराष्ट्र 0 71
मेघालय 7 5
मिजोरम 2 0
पंजाब 2 27
राजस्थान 87 44
उत्तर प्रदेश 23 41
उत्तराखंड 1 8
उत्तराखंड में फीडर की स्थिति
लाइन लॉस - संख्या
90 प्रतिशत से ऊपर 01
75 से 90 प्रतिशत 08
50 से 75 प्रतिशत 19
25 से 50 प्रतिशत 13
15 से 25 प्रतिशत 04
0 से 15 प्रतिशत 02