फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेतागिरी से अच्छा तो बिजनेस करते

Sat, 22 Mar 2014 04:46 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
सालों से अध्यक्ष बनने के लिए उपाध्यक्षी का बोझ झेल रहे कांग्रेसी नेता का मन फिर उदास हो गया है। अब महानगर अध्यक्षी की गणित चल रही है तो उनका नाम कोई ले ही नहीं रहा।
विज्ञापन


पार्टी का कोई ऐसा वरिष्ठ नेता नहीं है जिनकी उन्होंने चरण वंदना नहीं की। लेकिन मामला ढाक के तीन पात है। नेताओं के पास अध्यक्षी की दावेदारी के लिए गए तो बोले-उपाध्यक्षी अभी और करो। एक्सपीरियंस आता है। इस पर उनका मन खट्टा हो गया।
विज्ञापन


बैठकर जोड़ गांठ कर रहे हैं कि अगर नेतागीरी न करते तो बिजनेस में कितना काम लिए होते।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें