हरिद्वार के जिलाधिकारी हरवंश चुघ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव स्वरूप पर चुनाव आयोग की गाज गिर गई।
आयोग ने खानपुर के भाजपा प्रत्याशी कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन समर्थक के लाइसेंसी शस्त्र लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमने के मामले को घोर आपत्तिजनक माना था। अफसरों की जांच रिपोर्ट के बाद शनिवार को दोनों अधिकारियों को हटा दिया गया। उत्तराखंड में अब तक के चुनावों में आयोग की यह पहली बड़ी कार्रवाई है।
हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने 25 जनवरी को समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन करने आए थे। इसी दौरान उनका एक समर्थक लाइसेंसी बंदूक लिए घूमता रहा। धारा 144 लागू होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन की नजरों में नहीं आया।
मीडिया के कैमरों में पूर्व विधायक चैंपियन के साथ शस्त्र लेकर चल रहे समर्थक की तस्वीर कैद हुई तो पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक लग पाई थी। चुनाव आयोग ने आचार संहिता उल्लंघन के इस मामले को गंभीरता से लेकर आला अफसरों से जांच रिपोर्ट मांगी थी।
पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने शुक्रवार को गढ़वाल रेंज के डीआईजी पुष्पक ज्योति को तथ्यों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। डीआईजी ने तथ्यों के आधार पर देर रात तक अपनी रिपोर्ट दे दी थी। उधर शासन ने प्रशासन की जिम्मेदारी सुनिश्चित कराने को लेकर अलग से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। शासन ने डीएम हरवंश चुघ और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजीव स्वरूप को हटाकर प्रतीक्षा सूची में रखा है। इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप है।
मुरुगेशन डीएम और कृष्ण एसएसपी बने
शासन ने दोनों अधिकारियों को हटाने के बाद नए अधिकारियों की तैनाती भी कर दी है। आईएएस एम मुरगेशन को हरिद्वार का नया जिलाधिकारी बनाया है। जबकि विजिलेंस के एसपी कृष्ण कुमार वीके को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाकर भेजा है। दोनों अधिकारियों ने हरिद्वार पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है।