चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों के मतदाता होने के संबंध में जानकारी उपलब्ध न कराने पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने 20 कार्यालयाध्यक्षों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है।
साथ ही 50 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन के भीतर सूचना उपलब्ध न कराने पर निर्वाचन आयोग से शिकायत की चेतावनी भी दी है।
कार्यालयाध्यक्षों से मांगी थी सूचना
जिला निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों के संबंध में कार्यालयाध्यक्षों से सूचना मांगी थी कि उनका नाम किस विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में है, जिससे उन्हें पोस्टल बैलट और चुनाव ड्यूटी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा सके।
लगातार नोटिस देने बावजूद कार्यालयाध्यक्षों ने यह सूचना नहीं भेजी। इससे चुनाव ड्यूटी प्रमाण पत्र और पोस्टल बैलट जारी करने में दिक्कत आ रही थी।
जिला निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि कार्यालयाध्यक्ष निर्धारित प्रारूप भरकर नहीं भेजेंगे तो चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिक वोट नहीं डाल पाएंगे।
चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि चुनाव ड्यूटी में लगा कोई भी कार्मिक वोट डालने से वंचित न रहने पाए। कोई भी कर्मचारी पीठासीन अधिकारी को चुनाव ड्यूटी प्रमाण पत्र दिखाकर वोट डाल सकता है।
कोई भी पात्र मतदाता बनने से वंचित न रहे
उप जिलाधिकारियों, एआरओ और निर्वाचन कार्य संपन्न कराने के लिए गठित दलों के नोडल अधिकारियों की बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र व्यक्ति वोटर बनने से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि स्टेटिक टीमें जिले की सरहद की निगरानी करें और वीडियोग्राफी कराएं। बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कहा गया कि निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारी बीएलओ स्तर से किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा कर लें।
किसी भी विधानसभा क्षेत्र में पात्र व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित न रहे। सचल दस्ते बराबर सघन जांच में लगे रहें। असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।
जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा
विशेष अभियानों में मतदाता बनाए गए लोगों को मतदाता पहचान पत्र मिले हैं कि नहीं, यह जानकारी संबंधित अधिकारी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
बैठक में सीडीओ आलोक कुमार पांडेय, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सोनिका, एडीएम वित्त प्रताप सिंह शाह, मुख्य कोषाधिकारी जगत सिंह चौहान, संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश पठोई मौजूद रहे।