उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए सोमवार शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का शोर पूरी तरह थम जाएगा।
इसके बाद जनसभा, जुलूस, रैली, रोड शो, लाउडस्पीकर पर प्रचार नहीं किया जा सकेगा। पोस्टर चिपकाने, फ्लैक्स और होर्डिंग लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। यही नहीं सोशल मीडिया पर भी प्रचार नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, अखबारों और पत्र पत्रिकाओं में भी विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले अनुमति लेनी होगी।
राज्य की 70 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार 15 फरवरी को मतदान होना है। मतदान से 48 घंटे पहले राज्य में चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद हो जाएगा। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा-कांग्रेस समेत सभी छोटे दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी हैं।
दो दिन बंद रहेगी शराब की दुकानें
डेमो पिक
प्रदेश में इस बार 39,33564 पुरुष और 35,78,995 महिलाओं समेत कुल 75,12,559 वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए राज्यभर में 10854 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा 1725 मतदेय स्थल देहरादून और सबसे कम 312 रुद्रप्रयाग जिले में बनाए गए हैं।
चुनाव के लिए 10854 सीयू ईवीएम और 11240 बीयू ईवीएम लगाई गई है। कुल 4,106 सीयू ईवीएम और 4235 बीयू ईवीएम रिजर्व रखी गई है। प्रदेश में 34 पॉलिटिकल पार्टियों के कुल 637 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसमें छह राष्ट्रीय दल, चार क्षेत्रीय दल और 24 गैर मान्यता प्राप्त दल हैं। 261 निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोक रहे हैं।
जिला आबकारी अधिकारी पवन सिंह ने बताया कि प्रचार थमने के साथ ही जिले में सभी शराब की दुकानें भी बंद हो जाएंगी। शाम पांच बजे बाद सभी शराब की दुकानें बंद करने के आदेश दिए गए है। ठेके 14 और 15 फरवरी को मतदान समाप्त होने तक बंद रहेंगे।