उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए सोमवार शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का शोर पूरी तरह थम जाएगा।
इसके बाद जनसभा, जुलूस, रैली, रोड शो, लाउडस्पीकर पर प्रचार नहीं किया जा सकेगा। पोस्टर चिपकाने, फ्लैक्स और होर्डिंग लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। यही नहीं सोशल मीडिया पर भी प्रचार नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, अखबारों और पत्र पत्रिकाओं में भी विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले अनुमति लेनी होगी।
राज्य की 70 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार 15 फरवरी को मतदान होना है। मतदान से 48 घंटे पहले राज्य में चुनाव प्रचार पूरी तरह बंद हो जाएगा। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा-कांग्रेस समेत सभी छोटे दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी हैं।