प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का शोर थम गया है। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे बाद रैली, जनसभा, रोड शो, जुलूस और अन्य प्रिंट प्रचार पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
राज्य की 70 में से 69 विधानसभा सीटों पर 15 फरवरी को मतदान होगा। कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी की सड़क हादसे में मौत के बाद यहां चुनाव फिलहाल टाल दिया गया है। 15 फरवरी को राज्य में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
सोमवार शाम पांच बजे राज्य में चुनाव प्रचार अभियान पूरी तरह बंद कर दिया गया। करीब 40 दिन तक चले प्रचार अभियान के दौरान भाजपा और कांग्रेस समेत सभी दलों और निर्दल प्रत्याशियों ने मतदाताओं को लुभाने की हरसंभव कोशिश की। स्थानीय नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में स्टार प्रचारकों ने अपनी-अपनी पार्टियों के लिए वोट मांगे।
भाजपा के लिए जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, झारखंड के सीएम रघुवर दास, कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, नितिन गड़करी, स्मृति ईरानी और हेमा मालिनी, मनोज तिवारी, योगी आदित्यनाथ समेत तमाम नेताओं ने वोट मांगे वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, सचिन पायलट, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, अभिषेक मनु सिंघवी ने समर्थन जुटाया।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी दो जनसभाएं कर पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे। अब चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद सभी दल, प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर वोट की अपील कर रहे हैं। एजेंट घर-घर जाकर मतदाताओं को मत पर्ची और अपने प्रत्याशी का सैंपल बैलेट बांट कर वोट मांग रहे हैं।
75 लाख से अधिक वोटर
राज्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, कुल 70 विधानसभा सीटों (कर्णप्रयाग समेत) के लिए 39,33564 पुरुष और 35,78,995 महिलाओं समेत कुल 75,12,559 मतदाता हैं। इसके लिए राज्यभर में 10854 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा 1725 मतदेय स्थल देहरादून और सबसे कम 312 रुद्रप्रयाग जिले में बनाए गए हैं।
चुनाव के लिए 10854 सीयू ईवीएम और 11240 बीयू ईवीएम लगाई गई है। कुल 4,106 सीयू ईवीएम और 4235 बीयू ईवीएम रिजर्व रखी गई है। प्रदेश में 34 राजनीतिक दलों के कुल 629 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसमें छह राष्ट्रीय दल, चार क्षेत्रीय दल और 24 गैर मान्यता प्राप्त दल हैं। 258 निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोक रहे हैं।
पार्टीवार प्रत्याशियों का ब्योरा (कर्णप्रयाग छोड़कर)
पार्टी - कुल प्रत्याशी - करोड़पति - आपराधिक मामले
भाजपा - 69 - 47 (69 फीसदी) - 19 (27 फीसदी)
कांग्रेस - 69 - 51 (74 फीसदी) - 17 (25 फीसदी)
बसपा - 68 - 19 (30 फीसदी) - 07 (10 फीसदी)
उक्रांद - 54 - 13 (24 फीसदी) - 04 (07 फीसदी)
सपा - 20 - 04 (20 फीसदी) - 02 (10 फीसदी)
सीपीआई (एम) 05 - 01 (20 फीसदी) - 01 (17 फीसदी)
आरएलडी - 06 - 01 (17 फीसदी) - 01 (17 फीसदी)
सीपीआई - 04 - - - 01 (25 फीसदी)
अन्य - 76 - 08 (09 फीसदी) - 07 (09 फीसदी)
निर्दलीय - 258 - 53 (21 फीसदी) - 32 (12 फीसदी)