राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व के अंदर 10 गांवों के पुनर्वास के मामले में समय से जवाब न दाखिल करने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने राज्य सरकार पर जुर्माना ठोक दिया है।
इस प्रकरण में मुख्य सचिव और विभिन्न विभागों के पांच अफसर पार्टी हैं। प्रत्येक को 20 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही एनजीटी ने जवाब दाखिल करने के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का समय और दिया है, लेकिन जुर्माना राशि माफ नहीं की जाएगी।
राजाजी पार्क के गांवों के विस्थापन के प्रकरण को गंभीर मसला करार देते हुए एनजीटी ने राज्य सरकार की जवाब दाखिल न करने संबंधी लापरवाही पर नाराजगी जाहिर की है। राज्य सरकार को 12 फरवरी तक पुनर्वास प्रकरण पर जवाब दाखिल करना था। जवाब न आने पर एनजीटी का रुख सख्त हो गया।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने पीठ से कहा कि इतना गंभीर मामला होते हुए भी राज्य सरकार का जवाब न आना हद दर्जे की सुस्ती है। पीठ को बताया गया कि राजाजी पार्क के ये 10 राजस्व गांवों के लोग मानव-वन्य जीव संघर्ष के भी शिकार हैं। इस पर ट्रिब्युनल ने जुर्माना लगाते हुए इसकी धनराशि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जमा किए जाने के निर्देश दिए हैं।
जुर्माना मुख्य सचिव उत्तराखंड, वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, मुख्य वन संरक्षक, एसएसपी आदि पर लगाया गया है। राज्य सरकार को जुर्माना दाखिल करने के साथ एक सप्ताह के अंदर जवाब भी दाखिल करना है। अधिवक्ता बंसल ने कहा कि गांववासियों की समस्या का एकमात्र हल पुनर्वास ही है।
ट्रिब्युनल ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 10 मार्च तय की है। बता दें कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य मदन सिंह ने एनजीटी में याचिका दाखिल करके गांवों के पुनर्वास की मांग की थी। इसमें कहा गया था कि जंगली जानवरों के हमले के अलावा गांववासी बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत समस्याएं झेल रहे हैं। गत दिवस निदेशक राजाजी पार्क ने अपने शपथ पत्र में बताया था कि ये गांव पार्क की अधिसूचना के दायरे से बाहर हैं।
केंद्र से पैसा मिलते ही होगा गांवों का पुनर्वास
राजाजी नेशनल पार्क टाइगर रिजर्व में बसे 10 गांवों के पुनर्वास के लिए वन विभाग तैयार हो गया है। प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) दिग्विजय सिंह खाती ने बताया कि पुनर्वास की मद का पैसा अभी उपलब्ध नहीं हुआ है। धनराशि मिलते ही गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
गांववासियों के पुनर्वास के संबंध में बजट के लिए विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। खाती ने बताया कि अगर केंद्र के पहले राज्य सरकार से पैसा मिल जाता है तो भी गांववासियों के पुनर्वास का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि गांववालों की मांगों के अनुरूप ही पुनर्वास का कार्य किया जाएगा।