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उत्तराखंड में चुनाव पर हावी चारधाम यात्रा

Sun, 04 May 2014 03:24 PM IST
जोशीमठ से सुधाकर भट्ट
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उत्तराखंड में मतदान के चंद दिन ही बाकी रह गए हैं। लेकिन चमोली जिले के सीमांत इलाके में चुनावी पहिया पूरा नहीं घूम पा रहा है। चुनाव पर चारधाम यात्रा हावी है।
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नेताओं की इलाके में गैरहाजिरी
रही-सही कसर भाजपा और कांग्रेस नेताओं की इलाके में गैरहाजिरी पूरी कर रही है। कुछ उत्साही कार्यकर्ता जरूर राजनीतिक दलों के पोस्टर-परचे दीवारों पर चस्पा कर रहे हैं।

एक टीम के गुजरते ही दूसरी टीम के लोग नए पोस्टर से इस जगह को भर रहे हैं। ऐसे में यात्रा मार्ग पर एक दिन कांग्रेस के झंडे मिलते हैं तो दूसरे दिन भाजपा के।
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पौड़ी संसदीय क्षेत्र के दोनों प्रमुख दलों यानी भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी इस क्षेत्र में जनसंपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इसका फायदा सीपीआई-एमएल के इंद्रेश मैखुरी लेने की कोशिश में हैं। आप प्रत्याशी राकेश सिंह नेगी भी यहां अपनी छाप नहीं छोड़ पा रहे हैं।

यात्रा से अपनी आजीविका चलाने वाले लोग खासे नाराज
चारधाम यात्रा की तैयारी आधी-अधूरी दिख रही है। इसी हिसाब से लोगों का चुनाव को लेकर रुझान भी बन रहा है। यात्रा से अपनी आजीविका चलाने वाले लोग खासे नाराज हैं।

बदरीनाथ मार्ग पर लामबगड़ में एक दुकानदार का कहना था कि साल भर सोये रहने के बाद सिस्टम ने अब काम करना शुरू किया है। क्षेत्र में दूसरी मुसीबत सियासी दलों के अपने घात-प्रतिघात हैं।

बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी कांग्रेस की सभाओं में दिखाई दे रहे हैं पर उनके समर्थक प्रचार में दिलचस्पी लेते नहीं दिख रहे हैं। वैसे, बदरीनाथ विधायक बदरीनाथ धाम की यात्रा से भी दूरी बनाए हुए दिख रहे हैं।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विधायक एक बार भी यात्रा की तैयारी का जायजा लेने नहीं आए। ऐसे में विधायक के खिलाफ नाराजगी का भाव भी चुनाव के रंग में घुल रहा है। दरअसल, लोग यात्रा को सरकार के परफारमेंस से जोड़ चुके हैं।

आलोचना का सामना करना पड़ा
आपदा के दौरान बेहद सक्रिय रहे पौड़ी से कांग्रेस प्रत्याशी और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत तक को अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में भी लोगों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

पौड़ी सीट की थराली, कर्णप्रयाग और बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के ही विधायक हैं। इसके बावजूद यहां कांग्रेस बिखराव का शिकार लग रही है। दिक्कत भाजपा के साथ भी है।

केदार सिंह फोनिया और अनिल नौटियाल जैसे नेता घोषित तौर पर भाजपा से दूर हैं। फोनिया कांग्रेस प्रत्याशी हरक सिंह रावत का प्रचार कर रहे हैं। मालूम हो कि फोनिया पौड़ी से भाजपा प्रत्याशी जनरल भुवनचंद्र खंडूड़ी के बालसखा रहे हैं।

लेकिन इन दिनों छत्तीस का आंकड़ा है। अनिल नौटियाल भाजपा से निष्कासित चल रहे हैं। कुल मिलाकर क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए राह आसान नहीं है।
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आगे आने वाले दिन सघन प्रचार के होंगे। एक भाजपा नेता के मुताबिक इन्हीं दिनों में तय होगा कि ऊंट किस करवट बैठेगा।
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