वेतन विसंगति को लेकर खाकी के ‘मिशन आक्रोश’ से पिछले दिनों पूरे उत्तराखंड में हड़कंप मचा रहा। अब हरिद्वार जिले में पंचायत चुनाव का भत्ता पुलिसकर्मियों में सुगबुगाहट का कारण बन रहा है।
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सबसे आगे रहने वाले पुलिसकर्मी भत्ते में सबसे पीछे हैं। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक को महज 125 रुपये भत्ता दिया जा रहा है जबकि दूसरे विभागों के कर्मचारियों को 550 से लेकर 850 रुपये प्रतिदिन की दर से भत्ता मिला है। थाना कोतवाली में भत्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सुनाई दे रही हैं।
पिछले दिनों प्रदेश के कई जिलों में वेतन विसंगति को लेकर पुलिसकर्मियों की नाराजगी खुलकर सामने आई। पुलिसकर्मियों ने काली पट्टी बांधने से लेकर मेस के खाने का बहिष्कार कर सिलसिलेवार अपना नाराजगी महकमे में दर्ज कराई।
भले ही कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई व तबादले की गाज भी गिरी। हरिद्वार जिले में दिसंबर और जनवरी माह में तीन चरणों में पंचायत चुनाव संपन्न हुआ। जनपद में चुनाव से कई महीने पहले सामने आई कुछ अप्रिय घटनाओं से इस बार चुनाव की संवेदनशीलता काफी बढ़ी हुई थी मगर पुलिस के होमवर्क व मुस्तैदी से चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी प्रथम के तौर पर ड्यूटी करने वाले दूसरे विभाग के कर्मचारियों को 850 और पीठासीन अधिकारी द्वितीय व तृतीय मतदान अधिकारी को 750 रुपये प्रतिदिन की दर से भत्ता दिया गया था।
वहीं चतुर्थ मतदान अधिकारी को 550 रुपये भत्ता बांटा गया, लेकिन पुलिसकर्मियों में सिपाही, दारोगा व इंस्पेक्टर को सिर्फ 125 रुपये प्रतिदिन की दर से भत्ते का भुगतान किया जा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कई पुलिसकर्मियों ने इस भेदभाव पर नाराजगी जताते हुए इसे अन्याय बताया।
महीने भर बाद मिल रहा भत्ता
पुलिसकर्मियों में भत्ते को लेकर नाराजगी की एक वजह ये भी है कि अन्य विभागों के कार्मिकों को चुनावी डयूटी के दौरान ही भत्ते का भुगतान किया गया जबकि पुलिसकर्मियों को भत्ता अब बंटना शुरू हुआ है। अधिकांश पुलिसकर्मियों को मामूली भत्ता भी नहीं मिल पाया है।
चुनावी भत्ते को लेकर पूरे प्रदेश में जो व्यवस्था है, उसी आधार पर हरिद्वार जिले में भी अन्य कार्मिकों व पुलिसकर्मियों को भत्ता बांटा गया है।
- हरबंश सिंह चुघ, जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी हरिद्वार
पुलिसकर्मियों को भत्ता निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक ही दिया गया है। पहली किश्त मिलने पर उन पुलिसकर्मियों को भत्ता दिया गया जो दूसरे जिलों से ड्यूटी करने आए थे, हरिद्वार में भी अब भत्ता बांटा जा रहा है।
- सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस, एसएसपी हरिद्वार