त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में बुजुर्गों और विकलांगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। इन मतदाताओं की भले ही कमर झुक गई हो, बीमार हों और चलने-फिरने में असमर्थ हों, लेकिन फिर भी उन्होंने घर से निकलकर वोट किया।
कोई बैसाखी के सहारे तो कोई अपने बेटों और पोतों के साथ वोट डालने के लिए मतदान केंद्र पहुंचा। परिजनों के साथ छरबा स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचे 92 वर्षीय शेर सिंह, सकनी केंद्र पर पहुंचे 80 वर्षीय टीका राम पंवार, कालसी केंद्र पर पहुंचे 80 वर्षीय माधू सिंह और उनकी पत्नी सकरी देवी, लोहारना केंद्र पर पहुंचे 90 वर्षीय तारो देवी और बैसाखी के सहारे लक्सयार केंद्र पर पहुंचे पं. मोहन लाल नौटियाल का कहना था कि लोकसभा, विधानसभा हो या फिर ग्राम सभा सभी जगहों पर ऐसे प्रतिनिधि पहुंचने चाहिए जो लोगों की बात को ठीक ढंग से उठा सकें। क्षेत्र में विकास कार्यों को तवज्जों दे सकें। कहा कि अच्छे प्रत्याशी के चयन के लिए सभी को वोट करना चाहिए।
वहीं, ऐसे लोगों के उत्साह को देखते हुए लाइनों में लगे वोटरों ने भी इनके जज्बे को सलाम किया। उन्हें बिना किसी लाइन के वोट डालने दिया गया। ड्यूटी में लगे पुलिस के जवानों ने भी इन वोटरों की मदद की। मतदान केंद्रों पर कई बुजुर्ग मतदाता ऐसे भी दिखे जो 90 का पड़ाव पार कर चुके थे। वोट डालने की इन लोगों की जिद के कारण परिजनों को इन्हें मतदान केंद्र तक लाना पड़ा।
प्राइमरी स्कूल छरबा में बने पोलिंग बूथ पर 92 वर्षीय शेर सिंह को मतदान करने के बाद घर ले जाते परिजन।- फोटो : VIKAS NAGAR
लोहरना गांव में चलने में असमर्थ 75 वर्षीय वीरो देवी को गोद में उठाकर मतदान के लिए ले जाते परिजन।- फोटो : VIKAS NAGAR
लक्सयार गांव स्थित पोलिंग बूथ पर बैसाखियों के सहारे पहुंचे पं. मोहन लाल नौटियाल।- फोटो : VIKAS NAGAR
सकनी गांव में बने पोलिंग बूथ पर अपने परिजनों के साथ मतदान को पहुंचे 80 वर्षीय टीकाराम पंवार।- फोटो : VIKAS NAGAR
क लसी ब्लॉक क्षेत्र में मतदान करने के बाद अंगुली पर लगी स्याही दिखाती महिलाएं।- फोटो : VIKAS NAGAR