इसी बीच अचानक लोहे का गेट मलबे के साथ भरभराकर नीचे आ गिरा। नतीजा यह हुआ कि गेट कनिका के ऊपर आकर गिर गया, जबकि अन्य बच्चे बाल-बाल बच गए। बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ कर आ गए।
गेट के नीचे दबी बालिका को निकालकर सिनर्जी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। कनिका की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर जमा हुए लोगों ने बालिका की मौत को लेकर विरोध भी जताया।
उनका आरोप है कि जर्जर आवास होने के कारण हादसे की आशंका पहले से थी। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते सरकारी आवास की मरम्मत नहीं कराई गई। इंस्पेक्टर कैंट शंकर सिंह विष्ट ने बताया कि कनिका चिल्ड्रेंस एकेडमी में कक्षा दो की छात्रा थी। हादसे में अन्य बच्चों को किसी तरह की चोट नहीं आई है।