ईदुल अजहा (बकरीद) का त्योहार सोमवार 6 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा। शनिवार रात सऊदी अरब में ईदुल अजहा मनाए जाने से शहरियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।
सोमवार को मनाई जाएगी ईद
इसे दूर करने के लिए शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासिमी और मुफ्ती-ए-शहर मौलाना सलीम अहमद कासिमी ने 6 अक्तूबर को ही ईदुल अजहा का त्योहार मनाए जाने का ऐलान किया।
मुफ्ती-ए-शहर मौलाना सलीम अहमद कासिमी ने बताया कि शनिवार को सऊदी में ईदुल अजहा मनाए जाने से लोग मुगालते में न रहें। देहरादून में ईदुल अजहा का त्योहार 6 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमूमन सऊदी में ईद-बकरीद होने के अगले दिन यहां त्योहार मनाया जाता है।
इससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। सऊदी में बकरीद मनाए जाने से शहर में देर रात तक अफवाहों का दौर चलता रहा। लोग एक-दूसरे को फोन करके बकरीद के संबंध में जानकारी लेते रहे।
हजरत इब्राहीम अलैहस्सलाम की सुन्नत अदा करने के लिए शहर में तैयारी जोरों पर है। बकरा बाजारों पर शबाब है। कुछ लोगों ने कुरबानी के लिए बकरे साल भर पहले ही पाल लिए थे, कुछ लोग अब बकरों की खरीदारी कर रहे हैं।
दिल्ली से खरीदकर लाए दुंबे
बकरों के साथ शहर में दुंबों पर भी कुरबानी होगी। शहर में दो अफगानी नस्ल के दुंबे दिल्ली से खरीदकर लाए गए हैं।मुसलिम कॉलोनी के हाजी सब्दर और इनामुल्लाह बिल्डिंग के रहने वाले दिलशाद कुरबानी के लिए दिल्ली से अफगानी नस्ल का दुंबा खरीद कर लाए हैं।
हाजी सब्दर ने बताया कि दुंबा के अलावा बकरों पर भी कुरबानी की जाएगी। बकरों को घरों में पाला था। दिल्ली के बकरा बाजार में दुंबों की कीमत 70 हजार से लेकर पांच लाख रुपए तक है।
शहर में इनामुल्लाह बिल्डिंग, कारगी समेत अन्य क्षेत्रों में व्यापारी बकरों की खरीद-फरोख्त चल रही है। शनिवार को बकरों की कीमत की रेंज आठ हजार से 30 हजार के बीच रही। सहारनपुर से आए व्यापारी अमजद अली ने बताया कि रविवार को चांद रात है। बकरों की कीमत और मिल सकती है।
ईदुल अजहा की नमाज का वक्त
चकराता ईदगाह- सुबह 9.30 बजे
माजरा ईदगाह- सुबह 9 बजे
रजा जामा मसजिद, लोहियानगर- सुबह 9 बजे
आजाद पार्क मसजिजद- सुबह 8.30 बजे