बीएड-टीईटी पास प्रशिक्षित 2794 बेरोजगारों को प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति मिली, इससे कुछ हद तक प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी हुई, लेकिन माध्यमिक विद्यालयों में करीब आठ हजार पद खाली रह गए।
माध्यमिक में एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं हो पाई। पूरा साल संशोधित तबादला नियमावली के इंतजार में गुजर गया। बीपीएड, बीएड, शिक्षा आचार्य आदि संगठनों के साथ शिक्षकों के धरना प्रदर्शन में साल बीत गया। न शिक्षा का स्तर सुधरा और न ही स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी।
अधूरे रह गए बेरोजगारों के सपने
1- बीपीएड, शिक्षा आचार्य और बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार नियुक्ति की मांग के लिए पूरे साल आंदोलन करते रहे। कई बार उन्हें आश्वासन मिला, लेकिन नियुक्ति नहीं।
2- पूर्व में आपदा से प्रदेश में साढ़े सात सौ से अधिक विद्यालय जर्जर हो गए थे। इसमें कई विद्यालय पूरी तरह से ढह गए थे, लेकिन 2014 में छात्रों को नए विद्यालय भवन नहीं मिल पाए।
मेधावी बच्चों की अनदेखी
मेधावी बच्चों को पंडित दीन दयाल उपाध्याय पुरस्कार और लैपटॉप देकर सम्मानित किया जाना था। इसके लिए दो बार तिथि तय की गई, लेकिन सम्मान नहीं मिल पाया।
गुरुजनों का सम्मान तक नहीं
फरवरी में शैलेश मटियानी पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों की घोषणा की गई, लेकिन साल बीतने के बावजूद शिक्षकों को पुरस्कार नहीं मिला। तरुश्री पुरस्कार की भी विभाग घोषणा नहीं कर पाया।
अमर उजाला ने दिखाई गड़बड़ियां, हुआ असर
तबादला नियमावली संशोधन बिना ही शासन ने 159 शिक्षकों के तबादला आदेश जारी कर दिए थे। इसमें कई शिक्षिकाएं विभागीय अफसरों की पत्नियां थी। खबर छपते ही मुख्यमंत्री ने आदेश निरस्त कर दिया।
उद्यान विभाग में भी बड़े खेल हुए। मंत्री परिवार को कई बार रियायत का लाभ दिया गया। 19 फरवरी 2014 को ‘आम को इंतजार, मंत्री के परिवार को लाभ’ खबर प्रकाशित हुई। अमर उजाला में खबर छपते ही विधानसभा में पॉलीहाउस मामले पर खलबली मच गई।
21 फरवरी वर्ष 2014 को ‘पॉली हाउस लपकने में और कई हस्तियां’ और पॉलीहाउस में गड़बड़ी की खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद उद्यान मंत्री अमृता रावत से विभाग छीन लिया गया। 22 मार्च 2014 को उद्यान ने उजाड़ी कांग्रेस की बगिया शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई।
उम्मीदें
- प्रदेश में जनवरी में 400 हेडमास्टर प्रिंसिपल के पद पर प्रमोशन पा सकेंगे।
- जनवरी में बीपीएड प्रशिक्षित 800 बेरोजगारों को नियुक्ति मिल सकेगी।
- आपदा प्रभावित 750 स्कूल भवन बनकर तैयार हो सकेंगे।
- संशोधित तबादला नियमावली जारी होने से स्कूलों को शिक्षक मिल सकेंगे।
- करीब चार हजार बेरोजगारों को अतिथि शिक्षक के रूप में मिलेगी नियुक्ति।
- साइकिल योजना से वंचित बालिकाओं को मिल सकेगी साइकिल।
- 910 शिक्षा आचार्यों का शिक्षामित्र के तौर पर हो सकेगा समायोजन।