उत्तराखंड में बेहतर शिक्षण व्यवस्था के लिए शिक्षा विभाग राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से हाथ मिला सकता है।
प्रदेशभर में पहुंचाने पर विमर्श
एनआईओएस के 25वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने यह बात कही। शनिवार को होटल द्रोण में आयोजित समारोह में शिक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द ही शिक्षा विभाग व एनआईओएस की बैठक की जाएगी, जिसमें संस्थान की सुविधाएं प्रदेशभर में पहुंचाने पर विमर्श होगा।
उन्होंने एनआईओएस को स्टडी सेंटर के लिए भूमि दिलाने का भी वाद किया। इस दौरान मंत्री ने शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी देना नहीं बल्कि बेहतर इंसान बनाना है। सूचना आयुक्त प्रभात डबराल ने कहा कि महिलाओं और कम शिक्षा प्राप्त फौजियों के लिए एनआईओएस बेहतर विकल्प हो सकता है।
45 ब्लाकों में जल्द सेंटर खोले जाएंगे
एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक प्रदीप रावत ने कहा कि एनआईओएस, सीबीएसई, आईसीएसई और उत्तराखंड सहित सभी बोर्ड के समकक्ष मान्यता प्राप्त है। बताया कि प्रदेश के 95 में से 50 ब्लाकों में स्टडी सेंटर खोले जा चुके हैं, बाकी 45 में जल्द सेंटर खोले जाएंगे।
बताया कि संस्थान शिक्षा में पिछड़े 19 में से 15 ब्लाकों में अपने सेंटर शुरू कर चुका है। रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग चाहे तो संस्थान प्रदेश में छात्रों को आन डिमांड एक्जाम की सुविधा दे सकता है, ताकि फेल होने पर वे अवसादग्रस्त न हों।
संस्थान की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. संध्या कुमार, पूर्व डिप्टी कमिश्नर डॉ. बीना डंगवाल, पूर्व उप निदेशक जीपी पोखरियाल, केंद्रीय विद्यालय के रिटायर्ड प्रिंसिपल आदि मौजूद रहे।