फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंद न हों स्कूल सरकारी, सुविधाएं देने की तैयारी

Wed, 14 Oct 2015 03:38 PM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में तेजी से घटती छात्र संख्या और कई विद्यालयों को बंदी की कगार पर पहुंचता देख शिक्षा विभाग ने अब शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए नई पहल की है।
विज्ञापन


विभाग की ओर से प्रदेश में 475 मॉडल स्कूल चिह्नित किए जा चुके हैं। इन स्कूलों में भविष्य में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई के साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को परिवहन की सुविधा भी दी जाएगी।

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले डेढ़ से दो साल के भीतर 48 हजार बच्चे कम हुए हैं। इसके चलते 1800 से अधिक विद्यालय बंद होने की कगार पर हैं। इसके पीछे वजह सरकारी स्कूलों में शिक्षा और अन्य सुविधाओं में लगातार कमी सामने आने को माना जा रहा है।
विज्ञापन


इसे देखते हुए अब शिक्षा विभाग प्रत्येक ब्लॉक में तीन प्राथमिक और दो माध्यमिक विद्यालय मॉडल स्कूल के रूप में चिह्नित कर रहा है। उन स्थानों पर इन्हें चिह्नित किया जा रहा है, जिस स्थान से पूरा ब्लॉक कवर हो सके।

इन स्कूलों में भविष्य में आवासीय के साथ ही अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी। दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत न हो, इसके लिए बच्चों को परिवहन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्कूल में होंगी समस्त सुविधाएं
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मॉडल स्कूल चिह्नित किए जा चुके हैं। इन स्कूलों में भवन, कंप्यूटर, लैब, मानक के अनुरूप शिक्षक, बिजली, पानी आदि समस्त सुविधाएं होंगी। इसका प्रस्ताव तैयार करने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। समझा जा रहा रहा है कि दो नवंबर को होने वाले विधानसभा सत्र में इसके लिए कुछ बजट आवंटित हो सकता है।

100 स्कूलों को मिलेंगे टैबलेट
प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को खेल-खेल में अंग्रेजी व गणित सिखाई जाएगी। इसके लिए 1870 स्कूलों को गणित की किट दी गई है। अब अंग्रेजी सिखाने के लिए 100 स्कूलों को टैबलेट दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से यह टैबलेट दिए जाएंगे। संपर्क फाउंडेशन ऑडियो, वीडियो सिस्टम उपलब्ध कराएगा।
विज्ञापन


एक सप्ताह के भीतर समस्त स्कूल चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा। इन स्कूलों के लिए शासन से अनुपूरक बजट की मांग की जाएगी।
- डी. सेंथिल पांडियन, शिक्षा महानिदेशक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें