इस दौरान शिक्षकों का किसी भी तरह का अवकाश मंजूर नहीं किया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है नए तैनाती के स्थान पर कार्यभार ग्रहण न करने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ धारा 24 के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों के तबादलों की वजह से यदि कोई स्कूल शिक्षक विहीन हो रहा है तो संबंधित उप शिक्षाा अधिकारी अध्यापक उस स्कूल में तत्काल शिक्षक की व्यवस्था करेंगे। जिन शिक्षकों का तबादला हुआ है उनके आदेश में यदि किसी तरह की गलती है तो इसे ठीक करने के लिए एक स्तर उच्च अधिकारी को इसके लिए आवेदन करना होगा।
पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और हरिद्वार तबादलों में पिछड़े
तबादला एक्ट के तहत 10 जून तक शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादले होने थे, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए शासन से 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया था। कार्मिक विभाग की ओर से शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग को इसके लिए 25 जून तक का समय दिया गया था, इसके बाद भी पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और हरिद्वार जिले बेसिक के शिक्षकों के तय समय पर अनिवार्य तबादले नहीं कर पाए।
उच्च शिक्षा में अनुरोध के आधार पर तबादले
उच्च शिक्षा विभाग में 119 शिक्षकों के तबादले हुए हैं। इसमें अधिकतर शिक्षकों के अनुरोध के आधार पर तबादले किए गए हैं। इसमें अमित चौरसियां का अल्मोड़ा से ऊधमसिंह नगर, नवरत्न सिंह का थलीसैंण से कोटद्वार, संजू का अल्मोड़ा से हल्द्वानी, परवेज आलम का त्यूनी से डाकपत्थर, नीतू बलूनी का हरिद्वार से देहरादून, हरीश चंद्र का नारायणबगड़ से डाकपत्थर, शरद चंद्र मिश्रा का अल्मोड़ा से नैनीताल, तारा भट्ट का स्याल्दे से हल्दूचौड़, अजीत सिंह का कल्जीखाल से कोटद्वार, भुवन तिवारी का रानीखेत से दोषापानी, अविनाश भट्ट का जोशीमठ से डाकपत्थर तबादला किया गया है।