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ये हैं शिक्षा विभाग के 'दबंग' अधिकारी

Tue, 19 Nov 2013 10:58 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के अधिकारी इस कदर बेपरवाह हैं कि वे न तो मंत्री की सुनते हैं और ना आला अधिकारियों की।
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बगले झांकते नजर आए अधिकारी
सोमवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक में इसका नमूना भी पेश हुआ। अनिवार्य तबादलों के बावजूद कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों की सूचना की बाबत प्रमुख सचिव शिक्षा एसराजू के फरमान को भी ये अफसर दरकिनार कर गए। बैठक में जब यह ब्यौरा देने की बारी आई तो अधिकारी बगले झांकते नजर आए।

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शिक्षा विभाग की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। 13 सितंबर को शिक्षकों के तबादले हुए थे। तबादलों को दो महीने हो चुके हैं इसके बावजूद विभिन्न जनपदों के मुख्य और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को यह तक मालूम नहीं कि कितने शिक्षकों ने चार्ज लिया और कितनों ने नहीं। इन्हें स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति की भी जानकारी नहीं है।
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सोमवार को निदेशालय में हुई बैठक में शिक्षा महानिदेशक राधिका झा ने जनपदवार मुख्य शिक्षा अधिकारियों से इसकी जानकारी मांगी तो वे स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए।

अधिकारियों की भी लगाई क्लास
पिथौरागढ़ के मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार टम्टा और हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी राम कृष्ण उनियाल को तो सही जानकारी न देने पर शिक्षा महानिदेशक की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा। इसके अलावा कुछ अन्य जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों की भी क्लास लगाई गई।

अटैच करने वाले अफसर भी नपेंगे
मूल तैनाती छोड़कर दफ्तरों में अटैच शिक्षकों के साथ ही अब इनको अटैच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। शिक्षा महानिदेशक राधिका झा ने शिक्षकों के अटैचमेंट पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अटैच करने वाले अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
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लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षक होंगे बर्खास्त
लंबे समय से बगैर कुछ बताए स्कूलों से नदारद शिक्षक बर्खास्त होंगे। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में कई शिक्षक काफी समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। विभाग को इन शिक्षकों की कोई जानकारी नहीं है।

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