शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 20 हजार से अधिक शिक्षकों के वेतन से इनकम टैक्स तो काट लिया, लेकिन उसे संबंधित विभाग में जमा कराना भूल गया। विभाग की इस लापरवाही की वजह से शिक्षकों के घर इनकम टैक्स जमा नहीं होने के नोटिस पहुंच रहे हैं। इस वजह से शिक्षक परेशान हैं।
राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के शिक्षकों के घर इन दिनों आयकर विभाग बंगलूरू से इनकम टैक्स जमा नहीं होने के नोटिस पहुंच रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय माला जनपद पौड़ी गढ़वाल की शिक्षिका सुमन के मुताबिक वर्ष 2012-13 और 2014-15 में वेतन से इनकम टैक्स कटने के बावजूद आयकर विभाग की ओर से नोटिस दिया गया है।
विभाग ने मानी लापरवाही
दून निवासी शिक्षक सतीश घिल्डियाल बताते हैं कि विभाग ने वर्ष 2015 में उनके वेतन से 17 हजार रुपये इनकम टैक्स के रूप में काट लिए, लेकिन आयकर विभाग की ओर से टैक्स जमा करने का नोटिस मिला है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी गोपाल चौबे ने बताया कि विभाग की ओर से सीए की व्यवस्था नहीं होने से यह समस्या बनी है।
'किसी को नोटिस का जवाब देने की जरूरत नहीं'
शिक्षा अधिकारी ने कहा कि किसी शिक्षक को आयकर विभाग के नोटिस का जवाब देने की जरूरत नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से जल्द इस समस्या को दूर कर दिया जाएगा।
वेतन से इनकम टैक्स काटा गया, लेकिन विभाग ने इसे जमा नहीं कराया। अब शिक्षकों के घर टैक्स जमा नहीं होने के नोटिस पहुंच रहे हैं। पूरे प्रदेश में इस तरह की समस्या है।
-दिग्विजय चौहान, प्रांतीय महामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
विभाग को इनकम टैक्स ऑनलाइन जमा कराने थे, जो शिक्षकों के वेतन से कटौती के बावजूद जमा नहीं हुआ, शिक्षकों को परेशानी हो रही है। वहीं उन्हें रिफंड भी नहीं मिल पा रहा है।
-सतीश घिल्डियाल, संयुक्त मंत्री जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
विभाग की ओर से वार्षिक रिपोर्ट आयकर विभाग में जमा नहीं होने से यह समस्या बनी है। जिन शिक्षकों के वेतन से विभाग एक बार इनकम टैक्स काट चुका है, उन्हें इसे दोबारा से जमा नहीं कराना पड़ेगा।
-सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा