फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब गजब, अपर सचिव को दे दिया उत्तराखंड बोर्ड के सचिव का काम

Thu, 07 Mar 2024 03:22 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

परीक्षार्थियों के प्रमाणपत्र सह अंक पत्रों के नमूना हस्ताक्षर एवं परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन आदि काम उनके बोर्ड सचिव रहते बोर्ड के अपर सचिव को दे दिए गए हैं। नियमों को ताक पर रख अपर सचिव को कार्यदायित्व दिया गया है।
विज्ञापन
बैठक (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षा विभाग के कारनामे भी अजब गजब हैं। पहले जूनियर अधिकारी को माध्यमिक शिक्षा का प्रभारी निदेशक बनाने के बाद अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव का काम परिषद के उप सचिव को दे दिया गया है।

विज्ञापन


मामले में बोर्ड सचिव ने शिक्षा सचिव रविनाथ रामन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया कि विभाग की ओर से यह सब जानबूझकर कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डाॅ. नीता तिवारी ने शासन को लिखे पत्र में कहा, वर्तमान में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं।

मूल्यांकन, परीक्षाफल तैयार करने, परीक्षार्थियों के प्रमाणपत्र सह अंक पत्रों के नमूना हस्ताक्षर एवं परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन आदि काम उनके बोर्ड सचिव रहते बोर्ड के अपर सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी को दे दिए गए हैं। नियमों को ताक पर रख अपर सचिव को कार्यदायित्व दिया गया है। जिससे स्पष्ट है कि एक महिला अधिकारी को किस तरह से अपनी सेवा के अंतिम पड़ाव में प्रताड़ित किया जा रहा है।
विज्ञापन


आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाई गई
बोर्ड सचिव ने कहा, ऐसा कर जानबूझकर उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाई गई है। विभाग में पहले भी चहेते अधिकारी को फायदा पहुंचाने के लिए नियमाें को ताक पर रखते हुए उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है। शासन को लिखे पत्र में कहा कि इन परिस्थितियों में जबकि उनके कार्य दायित्व नियम ताक पर रखकर जूनियर अधिकारी को दे दिया गया है। ऐसे में उस कार्यालय में उनके बने रहने का कोई औचित्य प्रतीत नहीं होता।

ये भी पढ़ें...Kedarnath: पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू, एवलांच का खतरा...12 किमी हिस्से में पांच फीट बर्फ, तस्वीरें
विज्ञापन


पत्र में यह भी कहा गया कि अगले दो दिन में स्थिति को सुधारा जाए या फिर यह बताया जाए कि बोर्ड सचिव रहते उनका कार्यदायित्व क्या होगा। बोर्ड सचिव ने मामले में शिक्षा सचिव से 11 मार्च को मिलने के लिए समय मांगा है। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन से इस बारे मेें प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं किया जा सका है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें