- 52 शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की होगी जांच
- फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र से शिक्षक भर्ती का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती के मुताबिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र से विभाग में भर्ती हुए 52 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होगी। इन शिक्षकों को नोटिस के जवाब में अब तक 29 शिक्षक जवाब दे चुके हैं।
शिक्षा निदेशक के मुताबिक राज्याधीन सेवाओं में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है। जो शिक्षा विभाग के तहत दी जाने वाली नियुक्तियों पर भी लागू होती है। विभाग में समय-समय पर हुई नियुक्तियों में इसी आधार पर दिव्यांगजनों को आरक्षण दिया गया, लेकिन कुछ शिक्षकों, कर्मचारियों की पदोन्नति के समय दिव्यांग प्रमाण पत्र जांच में सही न होने और इनके गलत लाभ लेने के मामले में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इस प्रकरण में आयुक्त दिव्यांगजन ने राज्य चिकित्सा परिषद की ओर से अपात्र मिले इन शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराई है। जिस पर इन शिक्षकों को नोटिस के बाद 20 प्रवक्ता और नौ सहायक अध्यापक एलटी जवाब दे चुके हैं। विभाग ने इस मामले में कार्रवाई के लिए महानिदेशक चिकित्सा एवं आयुक्त दिव्यांगजन को सदस्य नामित करने के लिए पत्र भेजा है। शिक्षा निदेशक ने यह भी इन शिक्षकों की नियुक्तियां 2020 या इससे पहले की हैं। प्रकरण की जांच के लिए उनकी अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। जांच में गलत लाभ देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।