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Uttarakhand: एनएच 74 घोटाला मामले में ईडी ने मारा छापा, काशीपुर रुद्रपुर में कई अफसरों के घर पर कार्रवाई

Thu, 26 Jun 2025 02:34 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

एनएच 74 घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून, काशीपुर, रुद्रपुर में कई अफसरों के घर पर छापा मारा।
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Raid - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एनएच 74 घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापा मारा। देहरादून, काशीपुर, रुद्रपुर में कई अफसरों के घर पर कार्रवाई की गई। पहले भी कई अफसरों पर ईडी कार्रवाई कर चुकी है।ईडी ने गुरुवार को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर छापामारी की। यह कार्रवाई प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारी और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर की गई।

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अधिकारी  वर्तमान में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित डोईवाला चीनी मिल में कार्यकारी निदेशक के पद पर तैनात हैं। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कम से कम सात ठिकानों पर यह छापामारी की। छापा एनएच-74 और एनएच-125 के चौड़ीकरण के लिए की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर डाले गए।

ईडी के मुताबिक, जब अधिकारी भूमि अधिग्रहण के सक्षम प्राधिकारी के रूप में कार्यरत थे, उन्होंने पिछली तारीख में आदेश पारित कर अधिग्रहण की गई भूमि की प्रकृति में बदलाव कर दिया। इससे सरकार को करीब 162.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। आरोप है कि उन्होंने कृषि भूमि को गैर-कृषि घोषित कर अधिक मुआवजा राशि जारी की।
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2017 में उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज किया गया मामला
यह मामला 2017 में उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर और उसके बाद की चार्जशीट से उपजा है। जांच में पाया गया कि पीसीएस अधिकारी समेत कुछ अन्य लोकसेवकों, राजस्व अधिकारियों, किसानों और बिचौलियों ने मिलकर सरकारी धन के दुरुपयोग की साजिश रची थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1950 की धारा 143 के तहत पारित बैकडेट आदेशों के आधार पर यह घोटाला किया।

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ईडी ने 2020 में इस मामले में बयान जारी कर जानकारी दी थी कि गैर-कृषि दर पर दिया गया मुआवजा, कृषि दर से काफी अधिक था। इस जांच के तहत 2024 में सिंह और कुछ अन्य के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है।

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