पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया
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पाखरो टाइगर सफारी घपले के बाद निशाने पर आए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की करीब और रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी राणा से आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी ने घंटों पूछताछ की। इस दौरान ईडी ने उनसे पाखरो मामले में पूछताछ की। पहले ईडी ने लक्ष्मी राणा को 27 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह बृहस्पतिवार को ईडी के सामने पेश हुई।
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मामले को लेकर बीते सात फरवरी को ईडी ने उत्तराखंड समेत तीन राज्यों में एक साथ छापे मारे थे। इस दौरान 1.10 करोड़ रुपये नकदी, 80 लाख रुपये के गहने, 80 करोड़ रुपये से अधिक की जमीनों की रजिस्ट्रियां व अन्य दस्तावेज बरामद किए थे। रेड के दौरान टीम ने आरोपियों के छह लॉकर भी फ्रीज कराए थे। इनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की करीबी लक्ष्मी राणा का लॉकर से 45 लाख रुपये के गहने मिले थे।
अन्य के लॉकरों से भी नकदी, गहने और काफी दस्तावेज मिले। ईडी ने लक्ष्मी राणा को 27 फरवरी को कार्यालय में पेश होने का समन जारी किया था। तब वह ईडी के सामने पेश नहीं हुई। बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.26 लक्ष्मी राणा ईडी कार्यालय पहुंचीं। ईडी कार्यालय गेट पर सुरक्षा गार्ड को समन दिखने पर उन्हें कार्यालय में प्रवेश दिया गया।
वह दोपहर करीब दो बजे कार्यालय से लौटी। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने बृहस्पतिवार को अन्य लोगों को बुलाया हुआ था। उनके लिए सवाल तैयार किए गए थे। इसलिए लक्ष्मी राणा को दोबारा किसी और दिन बुलाया जा सकता है।
हरक सिंह परिवार समेत पेश नहीं हुए
ईडी ने गुरुवार को हरक सिंह रावत को परिवार समेत अपने कार्यालय बुलाया था। बताया जा रहा है कि हरक दिल्ली में होने के कारण ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुए। ईडी सूत्रों ने बताया कि हरक सिंह रावत के न पहुंचने की जानकारी ईडी को ईमेल कर दी गई। अब किसी अन्य दिन ईडी हरक को बुला सकती है।