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एनएच-74 घोटाले के बाद ईडी की बड़ी कार्रवाई, आरोपियों की 21.96 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच

Wed, 20 Nov 2019 09:06 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रपुर
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में एनएच-74 घोटाले के बाद मनी लांड्रिंग में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने एनएच घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह समेत कई आरोपियों की 21.96 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है।

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संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई राज्य की राजधानी देहरादून, ऊधमसिंह नगर और उत्तर प्रदेश के रामपुर में की गई है। अटैच की गई संपत्ति में इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल प्लॉट, बिल्डिंग, बैंकों में जमा नकदी, म्यूचुअल फंड शामिल हैं। ईडी ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की है। 

एक मार्च 2017 को कुमाऊं के तत्कालीन आयुक्त ने एनएच-74 के निर्माण में घोटाले की आशंका जताई थी। आठ मार्च को आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। 17 मार्च को तत्कालीन एडीएम प्रताप सिंह साह की तहरीर पर सिडकुल चौकी में एनएच घोटाले में मुकदमा दर्ज किया गया था। 15 मार्च को शासन ने घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
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25 मार्च को सीएम ने छह पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। आईएस अधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव को भी शासन ने निलंबित कर दिया था। मामले में तत्कालीन भू अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह, एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, भगत सिंह फोनिया, तीरथपाल सिंह, एनएस नगन्याल आदि जेल भेजे गए थे। 

सभी निलंबित अधिकारियों को बाद में बहाल कर दिया था। इसके अलावा राजस्व विभाग के कर्मचारियों समेत कुल 32 लोगों को जेल की हवा खानी पड़ी। एनएच घोटाले में अभी 30 आरोपी किसान फरार चल रहे हैं। एनएच घोटाले में मनी लांड्रिंग की आशंका पर ईडी ने अप्रैल 2018 में रुद्रपुर में छापा मारा था। ईडी ने तब कई दस्तावेज जब्त किए थे। इसके अलावा जिला प्रशासन से एनएच घोटाले से जुड़े दस्तावेज मांगे गए थे।

अब प्रवर्तन निदेशालय ने एनएच घोटाले के आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने एनएच घोटाले से जुड़े आरोपी अधिकारियों, दलालों और कर्मियों की देहरादून, ऊधमसिंह नगर और उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित संपत्तियां अटैच कर दी हैं। अटैच की गई संपत्ति की कीमत 21.96 करोड़ रुपये है। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अटैच की गई संपत्ति में इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल प्लॉट, बिल्डिंग, बैंकों में जमा नकदी, म्यूचुअल फंड शामिल हैं। 

एक माह पहले मांगे थे दस्तावेज 
ईडी ने एक महीने पहले एसएलओ दफ्तर से 50 से अधिक जमीनों पर दिए गए मुआवजों के दस्तावेज तलब किए थे। ये वह जमीनें थीं, जिनका अधिग्रहण करने पर थ्रीडी में कृषक दर्ज थी लेकिन जब इनका अवार्ड बनाकर एनएचआई को भेजा गया तो उसमें अकृषक दर्शाया गया था। इसके बाद करोड़ों रुपये का मुआवजा किसानों को मिला था। एसआईटी ने इसे ही गलत माना था। एक महीने पहले एसएलओ दफ्तर से यह दस्तावेज ईडी को भेजे गए थे। ईडी ने इससे पूर्व में मुआवजे के संबंध में दस्तावेज जुटाने के साथ ही बैंक खातों की डिटेल भी एकत्र की थी। माना जा रहा है कि दस्तावेज पूरे जुटाने के बाद ही प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की है। 
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अधिकारियों के 11 खाते भी शामिल 

ईडी ने एनएच घोटाले के बाद मनी लांड्रिंग में जो संपत्ति अटैच की है, उसमें 11 बैंक खाते शामिल हैं। इसके अलावा म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं। इसमें तत्कालीन भू-अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह और अनिल शुक्ला की संपत्तियां भी बताई जा रही हैं। इसके अलावा एनएच घोटाले में फंसे किसानों, दलालों और दूसरे अधिकारियों की संपत्तियों को भी ईडी ने अटैच किया है। 

ऐसे हुआ था एनएच घोटाला
2015 में एनएच-74 का निर्माण शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में कुमाऊं आयुक्त ने एनएच में घोटाला पकड़ा था। रुद्रपुर, गदरपुर बाजपुर और काशीपुर में बैक डेट में 143 की गई थी। इसके आधार पर किसानों को कई गुना मुआवजा दिया गया था। इसमें 200 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व नुकसान हुआ था। 

ईडी के छापे की दिन भर रही चर्चा 
जिले में ईडी के छापे में की दिन भर चर्चाएं रहीं। चर्चा यह रही कि काशीपुर और रुद्रपुर में ईडी ने छापा मार कर दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी से इनकार कर दिया। 

16 को डीपी पर किया गया था चार्ज फ्रेम 
एनएच घोटाले में ऊधमसिंह नगर के पूर्व भू-अध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह पर बीते शनिवार को चार्ज फ्रेम किया गया था। इस दौरान डीपी सिंह भी नैनीताल स्थित जला एवं सत्र न्ययाधीश विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में मौजूद रहे।  अदालत में उन पर लगे आरोप सुनाए गए। 
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