राज्य सरकार पर्यटन मानचित्र पर उत्तराखंड को ईको टूरिज्म प्रदेश के तौर पर पहचान दिलाने का रोडमैप तैयार करेगी।
चोपता में आयोजित होगा बुरांश महोत्सव
विश्व पर्यटन दिवस पर सीएम हरीश रावत ने राज्य को ‘ईको टूरिज्म’ का नारा दिया है। सीएम ने पर्यटन को प्राकृतिक संपदा के साथ सांस्कृतिक विरासत के इर्द गिर्द विकसित करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में आठ अक्तूबर से टिहरी में एडवेंचर टूरिज्म महोत्सव और मार्च में चोपता में बुरांश महोत्सव आयोजित किया जाएगा।
विश्व पर्यटन दिवस पर टूरिज्म एंड कम्यूनिटी डेवलेपमेंट थीम पर आयोजित समारोह में सीएम रावत ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के लिहाज से अपार संभावनाएं हैं, जिनकी सही प्रकार से मार्केटिंग की जाने की आवश्यकता है।
सामुदायिक पर्यटन की अवधारणा को साकार करते हुए इसे हमें एक मिशन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के परंपरागत पर्यटन के अलावा अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा।
सीएम ने सचिव पर्यटन को निर्देश दिए कि 30-35 सांस्कृतिक मेलों की एक चेन बनाई जाए, जिसमें पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक तीनों का समावेश हो। इसके साथ ही प्रदेश में पर्यटन की अन्य गतिविधियों जैसे बर्ड वाचिंग और माउंटेन बाइक की संभावनाएं तलाशी जाएं।
सीएम ने उद्यमियों से आह्वान किया कि प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय को बढ़ाने में आगे आएं, सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देगी। कार्यक्रम में सीएम ने पर्यटन विभाग की पुस्तकों का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री दिनेश धनै, वन मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार, अपर सचिव शैलेश बगौली, सीएम के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल, पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे, चेयरमैन पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एसपी कोचर आदि मौजूद रहे।