राज्य सरकार ने एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) के गठन का शासनादेश जारी कर दिया है। एक सेनानायक समेत फिलहाल लगभग साढ़े तीन सौ पद दिए गए हैं।
सेनानायक समेत सभी कार्मिक इस बल में प्रतिनियुक्ति पर तैनात होंगे। फिलहाल एसडीआरएफ को प्रथम चरण में दो कंपनी बल दिया गया है।
लगभग 343 पद एसडीआरएफ को दिए
दैवी आपदा के समय सीएम विजय बहुगुणा ने एसडीआरएफ के गठन की घोषणा की थीं। इस फैसले को बाद में कैबिनेट से मंजूर कराया गया और बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया गया। फिलहाल लगभग 343 पद एसडीआरएफ को दिए गए हैं।
शेष बल की व्यवस्था दूसरे चरण में
एक सेनानायक होगा और दो उप-सेनानायक। बल में सभी कर्मी 40 वर्ष की आयु से कम के होंगे। वेतन का तीस प्रतिशत जोखिम भत्ते के रूप में मिलेगा।
शेष बल की व्यवस्था दूसरे चरण में होगी और बटालियन का मुख्यालय देहरादून में होगा। इसका शिलान्यास तीन दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा द्वारा किया जा चुका है।
डीआईजी भी ओवरलोड
एसडीआरएफ के डीआईजी संजय गुंज्याल को भी सरकार ने शासन के अफसरों की तर्ज पर ओवरलोड कर दिया है। गुंज्याल एसडीआरएफ केगढ़वाल रेंज के डीआईजी होने के साथ ही डीआईजी पीएसी भी है। अब उन्हें डीआईजी माइनिंग भी बना दिया गया है।