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उत्तराखंड: भूकंप से फिर डोल उठी पहाड़ की धरती

Mon, 30 Nov 2015 08:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोपेश्वर, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग
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पहाड़ की धरती रविवार को एक बार फिर भूकंप से डोल उठी। चमोली एवं रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न हिस्सों और पौड़ी जिले के श्रीनगर में सुबह आठ बजकर 17 मिनट पर भूकंप का झटका महसूस किया गया।
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रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता चार नापी गई भूकंप का केंद्र चमोली जिला था और इसकी गहराई दस किमी गहराई में था। चमोली जिले में भूकंप का एहसास होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।

गंगोलगांव निवासी प्रकाश का कहना है कि भूकंप का झटका महसूस होने पर वह बच्चों को लेकर कमरे से बाहर निकल गए। अन्य लोग भी खेतों की ओर दौड़ पड़े। घाट क्षेत्र के पुरुषोत्तम दत्त का कहना है कि बार-बार के भूकंप से मकानों की दरारें बढ़ती जा रही हैं। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भूकंप से जिले में किसी भी प्रकार की जन-धन हानि की सूचना नहीं है।
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रुद्रप्रयाग जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार सुबह भूकंप का हल्का झटका महसूस किए गए। जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने बताया कि केदारनाथ या जिले में कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है।
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भूकंप मापक यंत्र तो हैं पर संचालक नहीं

चमोली जिले में आपदा प्रबंधन विभाग में आपदा के दौरान उपयोग में आने वाले यंत्र तो हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। आपदा प्रबंधन के नाम पर जिले में मात्र एक अधिकारी की तैनाती की गई है। वर्ष 1999 के मार्च माह में विनाशकारी भूकंप आने से कई ग्रामीण बेघर हो गए थे। तब ग्रामीणों के लिए सुरक्षित स्थानों पर टिन शैड बनाए गए थे, जो आज खंडहर में तब्दील हो गए हैं।

इनका है कहना
आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से तैयार है। हाल की आपदा में प्रशिक्षित युवाओं ने बचाव और राहत कार्य किया है। विभागीय कर्मचारियों की जरूर कमी बनी हुई है।
-नंद किशोर जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली।
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