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देहरादून: चार और संदिग्ध कोरोना मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव, एफआरआई में 16 सदस्यीय विशेष टीम गठित

Sun, 22 Mar 2020 08:23 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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जिला कोरोनेशन अस्पताल से कोरोना के लक्षण वाले चार और मरीजों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है इससे अस्पताल, मरीजों और शासन प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। अस्पताल की ओर से चारों को डिस्चार्ज कर दिया गया। साथ ही उन्हें होम कोरनटाइन रहने की सलाह दी है। इससे पहले शनिवार को चार संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था।

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इनमें बैंकॉक थाईलैंड दुबई से लौटे तीन छात्र भी शामिल थे। एक मरीज को अन्य तरह की बीमारी होने की वजह से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था। जिन कोरोना संदिग्ध मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है उन्हें डॉक्टरों ने कोई दवा नहीं लिखी है। केवल उन्हें 14 दिन के लिए होम कोरेंटीन में रहने के लिए कहा गया है।

कोरेनेशन जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन है कि नेगेटिव आने के बाद भी यह कोई प्रमाणिक नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को कोरोना संक्रमण नहीं होगा। 14 दिन कोरेंटीन में रहना अनिवार्य है। इसके अलावा अब अस्पताल में नौ कोरोना संदिग्ध मरीजों का उपचार चल रहा है। जिनकी स्थिति सामान्य है। वही, दून अस्पताल में सात कोरोना संदिग्ध मरीज और कोरोना संक्रमित तीन प्रशिक्षु आईएफएस भर्ती है। जिनका उपचार चल रहा है।

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टीम गठित

इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी मी के टीन ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई )में सुरक्षा के सारे एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं ।

केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देश पर एफ आर आई आई, आईसीएफआरई और इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकैडमी के सभी परिसरों को सेनेटाइज़ कराने के साथ ही सुरक्षा के सारे कदम उठाए गए।

बीमारी के लिहाज से एफआरआई की सुरक्षा की कोई चूक ना जाए इसके लिए पूरे परिसर को 10 सेक्टरों में बांटा गया है । साथ ही 16 सदस्यों वाली विशेष टीम गठित की गई है जो पूरे एफआरआई परिसर को सैनिटाइज कराने के साथ ही सामान चीजों की कड़ी मॉनिटरिंग करेगी । निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि एसीटीओ डॉक्टर ज्ञानेश जोशी व डॉक्टर विश्वजीत शर्मा की अगुवाई में 16 सदस्य वाली टीम का गठन किया गया है जो तमाम जानकारियां जुटाने के साथ ही कोरोना वायरस से निपटने को लेकर तमाम कदम उठाएंगी।

एफ आर आई कैंपस के सभी छात्रावासों में रहने वाले छात्र छात्राओं की सूची के साथ ही न्यू फॉरेस्ट आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारियों और आउट हाउस में रहने वाले लोगों की सूची तलब की गई है।

निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि संस्थान के किसी भी अधिकारी , वैज्ञानिक व कर्मचारी में कोरोना वायरस का संक्रमण ना हो इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। सुकून देने वाली बात यह है कि अभी तक यह एफआरआई के किसी भी अधिकारी वैज्ञानिक व कर्मचारी में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पाया गया है
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