राजस्थान के उदयपुर से लौट रहे पांच छात्रों को खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत पर मेला अस्पताल के आईसालेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अब मेला अस्पताल में भर्ती हुए लोगों की संख्या आठ हो गई है। वहीं, एक बालिका मिशन अस्पताल की आईसीयू में भर्ती है। रविवार की दोपहर को रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान आने जाने वाले
यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही थी। इस दौरान पांच युवाओं ने खांसी और जुकाम की शिकायत की।
युवाओं ने बताया कि वे राजस्थान के उदयपुर में एक फाइव स्टार होटल में होटल मैनेजमेंट के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। पांचों को स्वास्थ्य टीम ने वहां बैठने के लिए कहा तो तीन भागनेलगे। पुलिस और लोगों की मदद से तीनों को पकड़ लिया गया। मेला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता की देखरेख में पांचों को आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। बताया जाता है कि इनमें एक-एक हरिद्वार, देहरादून, दो पौड़ी और एक कोटद्वार का रहने वाला है। उनके परिजनों को सूचना भेज दी गई है।
जवाहर नवोदय विद्यालय के 19 बच्चों को लेकर आ रही मिनी ट्रेवल बस को नारसन संयुक्त जांच चौकी पर आरटीओ ने रोक लिया। बच्चों के साथ दो शिक्षक भी थे और सभी लोग बंगलूरू से लौट रहे थे। यहां सभी के हाथ पैर और पूरी बस को सेनिटाइज करने के बाद इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई, जिसके बाद बच्चों को हरिद्वार भेजा गया।
बस में मौजूद अध्यापिका रमा कुमारी ने बताया कि हरिद्वार जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा नौ में पढ़ने वाले छात्र एक वर्ष की नेशनल इंटीग्रेटेडट्रेनिंग के तहत बंगलूरू गए थे। विद्यालय की छुट्टी के बाद बच्चे बंगलूरू से दिल्ली तक ट्रेन से यात्रा कर आए हैं। दिल्ली से उन्हें मिनी ट्रेवल बस में हरिद्वार ले जाया जा रहा है। यहां से ये अपने घर चले जाएंगे, लेकिन नारसन बॉर्डर पर परिवहन कर अधिकारी भारत भूषण ने रोक लिया और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई।
इसके बाद बच्चों के हाथ और बस को सेनिटाइज किया गया। इसके बाद उन्हें जवाहर नवोदय विद्यालय हरिद्वार जाने दिया गया। परिवहन कर अधिकारी भारत भूषण ने बताया बच्चे अलग-अलग जिले और गांवों के रहने वाले हैं। एहतियातन सभी के फोन नंबर और पते नोट किए गए हैं, जो स्वास्थ्य विभाग को दिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।