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ई को एम गवर्नेंस में बदलकर डिजिटल होगा उत्तराखंड

Sun, 28 Jun 2015 01:50 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड सूचना प्रौद्योगिकी की दिशा और दशा तय कर करने के लिए शनिवार को ई उत्तराखंड कार्यशाला आयोजित हुई।
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राज्य ई गवर्नेंस के सिद्धांत को किस तरह से एम (मोबाइल) गवर्नेंस की और लेकर जाएगा, इस पर विशेषज्ञों ने मौजूदा ढांचागत आईटी सुविधाओं का खाका रखा गया। नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क योजना (एनओएफएन) ब्राडबैंड को गांव तक ले जाने की सबसे अहम कड़ी है।

कार्यशाला में सीएम हरीश रावत ने जनता से जुड़ी आईटी योजनाओं को इतना सरल बनाने को कहा कि लोग उसका इस्तेमाल कर सकें। आनलाइन जुड़ने से लोगों में संकोच को दूर करना होगा। सीएम रावत ने राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्राकृतिक बदलावों के अध्ययन व आपदा प्रबंधन में सूचना तकनीक की भूमिका को बढ़ाना होगा।
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आपदा प्रभावित जनपदों में मजबूत आईटी तंत्र विकसित करना होगा। जन शिकायतों के आनलाइन निवारण के लिए सुराज विभाग के तहत समाधान पोर्टल संचालित हो रहा है, लेकिन आज भी लोगों में इनके प्रयोग को लेकर कुछ संकोच है जिसे दूर करना होगा। कार्यशाला में साइबर क्राइम, शहरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों में आईटी की सहभागिता पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एन रविशंकर, यूपी के प्रमुख सचिव आईटी आरके तिवारी, सचिव आईटी दीपक कुमार, सचिव मोहम्मद शाहिद, सचिव मीनाक्षी सुंदरम और आयोजक ईलेट्स के सीईओ रवि गुप्ता सहित विभिन्न प्रदेशों से प्रतिभाग कर रहे सरकारी व निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।

गांव जुड़ेंगे ब्राडबैंड से
प्रदेश के लोगों को वाईफाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका प्रारंभ अर्द्धकुंभ के दौरान हरिद्वार से किया जाएगा। इसके बाद मसूरी, नैनीताल अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों व जिला मुख्यालयों में वाईफाई प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव एन रविशंकर ने कहा कि लोक सेवाओं में जितना ज्यादा ई-सेवाएं प्रारंभ की जाएंगी उससे जनता को सरल प्रक्रिया मिलेगी।

एम गवर्नेंस है फोकस का दौर
ई गवर्नेंस से जनसेवाओं को आनलाइन बनाने के बाद अब मोबाइल पर सभी सेवाओं को पहुंचाने पर राज्य सरकार का फोकस है। सचिव सूचना प्रौद्योगिकी दीपक कुमार ने बताया कि उत्तराखंड में ई-गर्वनेंस के तहत जनसुविधाओं के लिए देवभूमि जनसेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। 120 केंद्र सरकारी हैं जबकि 1100 ग्रामीण युवाओं द्वारा संचालित किये जा रहे हैं।
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ई गवर्नेंस की पहल
- नेशनल आप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) प्रदेश में शुरू
- 95 ब्लाक से 25 की 1763 पंचायतें जुड़ेंगे ब्राडबैंड से
- उत्तर भारत की पहली वाईफाई पंचायत पंजनहेड़ी हरिद्वार की
- प्रदेश में लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या के हैं आधारकार्ड
- स्टांप एंड रजिस्ट्रेशन, वाणिज्य कर, कोषागार सेवाएं आईटी से जुड़ी
- स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क से जुड़े हैं प्रदेश के ब्लाक

ई गवर्नेंस को बड़ा झटका
केंद्र के ई गवर्नेंस प्रोग्राम में 100 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को अस्वीकृत करने से स्टेट एरिया वाइड नेटवर्क (स्वान), प्रदेश के पहले स्टेट डाटा सेंटर और हाल में शुरु हुई ई डिस्ट्रक्ट योजनाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी।
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