डुप्लीकेट विद्युत मीटर और मीटर में गड़बड़ी से बिजली चोरी के मामले बढ़ रहे हैं। ऊर्जा निगम की विजिलेंस टीम ने अकेले कोटद्वार में इस तरह के सात मामले पकड़े हैं। इन सात मीटरों को सील कर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रदेश में अवैध कनेक्शन से भी बिजली चोरी के 31 मामले पकड़े गए हैं।
निगम विजिलेंस को शिकायत मिल रही थी कि कोटद्वार में कुछ उपभोक्ताओं की ओर से डुप्लीकेट मीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन मीटरों में रीडिंग में गड़बड़ी होती है। डुप्लीकेट मीटर लगाने वाले एक गिरोह को ऊर्जा निगम पूर्व में ऊधमसिंह नगर में ट्रेस भी कर चुका है।
बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी
बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी पर विजिलेंस ने शनिवार को गुपचुप तरीके कोटद्वार में छापामारी की। टीम ने सातों मीटरों को सील करते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। विद्युत चोरी और मीटर से छेड़छाड़ किए जाने के आरोप में संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज किए। सितारगंज में चार, रुद्रपुर में छह, प्रेमनगर (देहरादून) में तीन, रुड़की और जसपुर में बिजली चोरी के नौ-नौ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
बिजली चोरी की सूचना दें, इनाम पाएं
ऊर्जा निगम विजिलेंस के एसपी गिरीश चंद्र ध्यानी ने सोमवार को निगम मुख्यालय में बताया कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसी को अगर बिजली चोरी का पता लगता है तो टोल फ्री नंबर 18001804185 पर बता सकते हैं।
कांवली रोड स्थित ऊर्जा भवन के विजिलेंस सेक्शन में संपर्क कर सकते हैं। बिजली चोरी की सूचना देने वाले व्यक्ति को चोरी की रकम का 10 प्रतिशत और अधिकतम 50 हजार रुपये इनाम दिया जाएगा और नाम गोपनीय रहेगा।