शुक्रवार को राजधानी देहरादून में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसे देख एक बार को तो पुलिस भी चकरा गई।
वाहन में मूली देखकर उसे लगा कि गलत जगह हाथ डाल दिया है लेकिन जब मूली को हटाकर देखा तो पुलिस के भी होश उड़ गये।
नकली मावे के सौदागरों ने रची थी यह साजिश
पुलिस को ही चकमा देने के लिए नकली मावे के सौदागरों ने यह साजिश रची थी। बाहर मूली और उसके पत्ते रखकर अंदर नकली मावे को छिपा दिया गया था।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सब्जी की आड़ में यह खेल कितने दिनों से खेला जा रहा था। शुक्रवार को क्लेमेंटटाउन पुलिस ने आशारोड़ी चेकपोस्ट पर चेकिंग की तो 10 क्विंटल नकली मावा पकड़ लिया।
सहारनपुर से लाया जा रहा था नकली मावा
मूली के पत्तों की आड़ में मावा सहारनपुर से महिंद्रा पिकअप में लाया जा रहा था।
बता दें कि अमर उजाला ने 14 मार्च के अंक में ‘खूब हो रही मिलावटी सप्लाई’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में मिलावट के सौदागरों की सक्रियता और चेकिंग न होने के मसले को प्रमुखता से उठाया था।
चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान पकड़ा मावा
शुक्रवार सुबह से ही पुलिस ने चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान कार्रवाई को अंजाम दिया।
पिकअप के ड्राइवर महिपाल पुत्र महेंद्र निवासी मंगलौर और सहयोगी कलाम पुत्र फरमान निवासी छपार ने पुलिस को देख भागने की कोशिश की, लेकिन धर लिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह ने मावे की सैंपलिंग कर उन्हें जांच के लिए भेज दिया है।
मावे को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। एसओ विनोद सिंह गुसाईं के अनुसार मामले में क्लेमेंटटाउन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।