जिसे बनने में लगभग 48 घंटे का समय लगता है। यह छह महीने तक सही रहता है। उन्होंने बताया कि इस गमले में मिट्टी भरकर पौधा लगाया जा सकता है। जब पौधे को जमीन में लगाना हो तो गमले के साथ ही मिट्टी में उसका रोपण किया जा सकता है।
इससे पौधा खराब नहीं होगा और पौधे को खाद भी मिलेगी। साथ ही उन्होंने बताया कि गोबर में लैकमड मिलाकर अगरबत्ती बनाई जा रही है जिससे मच्छर भगाने का काम किया जाता है।
गोबर के गमले से पशुपालकों को रोजगार मिलेगा। जुयाल ने बताया कि गोबर से अन्य वस्तुओं के निर्माण का प्रशिक्षण देकर कई लोगों को रोजगार देने का भी काम किया जा रहा है।