पहाड़ों की रानी में बुधवार को अचानक मौसम ने करवट बदली। दिन की शुरुआत चटक धूप से हुई। लेकिन दिन चढ़ते ही धूप की तपन ठिठुरन में बदलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। नगर में चलती शीतलहर ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। लोगों का कहना है कि अचानक मौसम में परिवर्तन से बर्फबारी होने की संभावना बढ़ गई है।
इन दिनों मसूरी में तड़के और देर रात जमकर पाला पड़ रहा है। इससे सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। नगर में वैसे तो अक्सर मौसम बदलता ही रहता है, लेकिन बुधवार को दोपहर बाद काले बादलों ने सूरज को अपने आगोश में ले लिया, जिससे नगर में ठंड का प्रकोप बढ़ गया। कुछ ही देर में नगर ने घने कोहरे की चादर ओढ़ ली और दिन में ही अंधेरा छा गया। पर्यटकों ने मसूरी के इस सुहावने मौसम का जमकर लुत्फ उठाया। जमीन पर कोहरे के बीच पर्यटक सेल्फी लेते नजर आए। कड़ाके की ठंड के बावजूद मालरोड देर रात तक पर्यटकों से गुलजार रहा। बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर पालिका ने विभिन्न चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है।
प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ेगी। ज्यादातर इलाकों में आज बादल छाए रहेंगे। पहाड़ी इलाकों में जहां हल्की बारिश हो सकती है वहीं, मैदानी क्षेत्रों में शीत लहर चलने के आसार बने हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश हो सकती है। अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने का अनुमान है। रात के समय पाला और बढ़ जाएगा। इसका असर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में शीतलहर चलने के आसार बने हुए हैं। जबकि अन्य मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रह सकता है।
मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 48 घंटों के दौरान बारिश, बर्फबारी और शीतलहर के कारण ठंड में इजाफा होगा। हालांकि उसके बाद मौसम सामान्य रह सकता है। नए साल के दौरान फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है।