फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड्रग्स कानून होगा सख्त, माफिया होंगे पस्त

विज्ञापन
डीआईजी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल
विज्ञापन
पंजाब की तर्ज पर उत्तराखंड में भी ड्रग्स पॉलिसी लागू कर ड्रग्स माफिया को पस्त करने की तैयारी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने लंबी कवायद के बाद ड्रग्स पॉलिसी का मसौदा तैयार कर दिया है। डीजीपी की अंतिम मुहर के बाद प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय करते हुए पहले चरण में गढ़वाल और कुमाऊं में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया गया है।
विज्ञापन

पंजाब के बाद ड्रग्स को लेकर उत्तराखंड के हालात बेहद भयावह है। प्रदेश में ड्रग्स पॉलिसी न होने के कारण सिर्फ पुलिस पर ही ड्रग्स माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करने की जिम्मेदारी थी। चंडीगढ़ में 2018 में ड्रग्स को लेकर कई राज्यों की मुख्यमंत्रियों की बैठक से लौटने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पंजाब की तरह ही प्रदेश में ड्रग्स एक्ट बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर एसटीएफ की डीआईजी रिधिम अग्रवाल की अगुवाई में टीम को ड्रग्स पॉलिसी का प्रस्ताव बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। एसटीएफ ने पंजाब की पॉलिसी का अवलोकन करने के साथ प्रदेश में सक्रिय ड्रग्स माफिया के नेटवर्क का अध्ययन करने के बाद मसौदा तैयार किया है।
प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों पर कसे शिकंजा
एसटीएफ ने प्रदेश में जगह-जगह खुले प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों पर लगाम कसने का प्रस्ताव दिया है। कहा है कि इन नशा केंद्रों पर मनमाने ढंग से रकम वसूलकर नशा पीड़ितों के परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है। केंद्रों में नशा पीड़ितों के साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायत अक्सर सामने आती रहती हैं। इसी कड़ी में ड्रग्स से प्रभावित जिलों में एक-एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया गया है।
विज्ञापन

संबंधित विभागों से ली जाए हुक्का बार की अनुमति
अब तक जिलाधिकारी की अनुमति पर हुक्का बार खोलने का प्रावधान है। प्रस्ताव में हुक्का बार खोलने के लिए प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से भी अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाए। इसी तरह राजस्व क्षेत्र में अफीम आदि की खेती की अनुमति में भी यही व्यवस्था लागू की जाए।
एनडीपीएस एक्ट में संशोधन
ड्रग्स पॉलिसी के प्रस्ताव में एनडीपीएस एक्ट में संशोधन का भी प्रस्ताव दिया गया है। केंद्र सरकार ने एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 10 में राज्यों को अपने हिसाब से संशोधन का अधिकार दिया हुआ है। इसके अलावा प्राइमरी स्तर से ही पाठ्यक्रम में ड्रग्स जागरुकता को शामिल किया जाए, ताकि बाल्यावस्था से ही जागरुकता लाई जा सके।
ड्रग्स पॉलिसी का मसौदा बनाकर तैयार है। पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूडी के माध्यम से जल्द ही उसे शासन को भेज दिया जाएगा। स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पुलिस और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि सामूहिक प्रयासाें से ड्रग्स माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
विज्ञापन

- रिधिम अग्रवाल, पुलिस उप महानिरीक्षक एसटीएफ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें