33 केवी लाइन टूटने से जौनसार बावर के 100 से अधिक गांव की बत्ती गुल हो गई। लोगों को अंधेरे रात काटनी पड़ी। 23 घंटे बाद शनिवार शाम करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बीते शुक्रवार की शाम करीब चार बजे साहिया-चकराता के बीच 33केवी की लाइन टूट गई। इससे चकराता और सावड़ा फीडर से जुड़े गांवों की बत्ती गुल हो गई। कोरूवा, कोटी, लांगापोखरी, ग्वासा पुल, पुरोड़ी, लालकुर्ती, सप्लाई, आलूमंडी, भंगार, मोहना, क्वांसी, गोराघाटी, सावरा, जाडी, सुजऊ, कंधाड़, सिजला, कुन्ना, झमगांव, समोग, सेनतोली, कोटी, मेहरावना, रावना, पाटी, बुरास्वा, जोगियो समेत 100 से अधिक गांव की आबादी को अंधेरे में रात काटनी पड़ी। बिजली न होने के कारण उपकरण शोपीस बने रहे। लोगों का व्यापार भी प्रभावित हुआ। स्थानीय निवासी दिनेश चांदना, आनंद राणा, हरबंश कुकरेजा, तीर्थ कुकरेजा, पंकज जैन, मनमोहन चौहान, राजेंद्र राणा, केशर चौहान, रवीश अरोड़ा आदि का कहना है कि अक्सर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप होने पर उसे बहाल करने में विभाग को कई घंटों लग जाते हैं।
वहीं, यूपीसीएल चकराता के सहायक अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बहाल करने में समय लग गया। बारिश थमने के बाद शाम तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।