अंतरराष्ट्रीय व्यापार व राजस्व भी होगा प्रभावित
औद्योगिक इकाइयों के बंद होने की स्थिति में देश से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार को नुकसान पहुंचने की आशंका है। क्योंकि, दवाओं में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर साल्ट और इलेक्ट्रानिक्स सामान के उपकरण चीन से आयात किए जाते हैं। इसके अलावा इकाइयों में तैयार किए जाने वाले उत्पादों को देश-विदेश तक निर्यात किया जाता है। उत्पादन के हिसाब से औद्योगिक इकाइयां बड़े पैमाने पर सरकार को राजस्व भी देती हैं। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों के बंद होने से सरकार से लेकर उद्योगपतियों तक को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के मामले में सरकार को सक्रिय रहकर काम करना चाहिए। सरकार को कोर्ट से संबंधित मामले में मजबूत पैरवी करनी चाहिए थी। यदि उद्योगों को नुकसान होता है तो रोजगार, राजस्व और व्यापार पर बड़े पैमाने पर असर पड़ेगा।
-प्रमोद किलानी, अध्यक्ष, ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड
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किसी भी आदेश को लागू करने से पहले कारण बताओ नोटिस जारी करना, औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय देने जैसी व्यवस्था की जानी चाहिए। लेकिन, यह तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का राजाओं जैसा फरमान है। उद्योगों के मामले में बोर्ड को सोच-समझकर कोई निर्णय लेना चाहिए।
-संजय सिकारिया, सचिव, ड्रग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड