डीएल और आरसी से जुड़ी यह खबर बड़े काम की है। अब डीएल और आरसी नए रूप मिलेगी, जिसे आसानी से कैरी किया जा सकेगा। दिल्ली की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी वाहनों की आरसी और वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस स्मार्ट कार्ड के रूप में मिलेगा।
स्मार्ट कार्ड के क्यूआर कोड में वाहन और ड्राइविंग चालक की पूरी जानकारी दर्ज होगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देहरादून से इसकी शुरुआत होगी। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में इसे लागू किया जाएगा।
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक वाहनों की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस में काफी फर्जीवाड़ा होता है। चेकिंग के दौरान आरसी और डीएल के असली व नकली की पहचान करना मुश्किल होता है।
दिसंबर तक स्मार्ट कार्ड के रूप में शुरू होगा आरसी और लाइसेंस
ड्राइविंग लाइसेंस
इसके चलते देशभर में डीएल और आरसी को कागजी झंझट से मुक्त कर माइक्रो लेबल पर लाया जा रहा है। दिल्ली समेत कई महानगरों में इसकी शुरुआत हो चुकी है।
उत्तराखंड में डीएल पिछले कुछ साल पहले से एटीएम कार्ड के रूप में बना तो दिया है, लेकिन उसमें क्यूआर कोड नहीं है। इससे आरटीओ और पुलिस के अधिकारी डीएल देखकर वाहन चालकों के पूर्व में हुए चालान का रिकार्ड मौके पर नहीं देख पाते हैं।
उत्तराखंड में अब आरसी और डीएल स्मार्ट कार्ड के रूप में बनने जा रहा है। इसकी शुरुआत देहरादून से होगी। दिसंबर तक वाहन चालकों को उनके वाहनों की आरसी और लाइसेंस स्मार्ट कार्ड के रूप में मिलना शुरू हो जाएगा। आरटीओ सुधांशु गर्ग के मुताबिक स्मार्ट कार्ड में क्यूआर कोड होगा। जिसमें हर जानकारी उपलब्ध होगी।
ऑनलाइन होगा रिकार्ड
रोड चेकिंग के दौरान संभागीय परिवहन अधिकारी मोबाइल एप की मदद से वाहन और डीएल की सारी जानकारी ले सकेंगे। आरटीओ के मुताबिक वाहनों की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस का रिकार्ड ऑनलाइन है।
स्मार्ट कार्ड बनने से वाहनों की चोरी और धोखाधड़ी की घटनाएं रुक जाएंगी। रोड चेकिंग करने वाले के अधिकारियों के मोबाइल में एप होगा। इससे
आरसी और डीएल के असली और नकली होने की पहचान आसान हो जाएगी।
- सुधांशु गर्ग, आरटीओ