चारधाम यात्रा के दौरान वाहन चालकों को अब बार-बार पुलिस चेकिंग से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिन व्यवसायिक वाहनों को परिवहन विभाग की ओर से ग्रीन कार्ड जारी किए गए हैं, उनके कागजातों की चेकिंग पुलिस नहीं कर पाएगी। निजी वाहनों से चारधाम की यात्रा पर आने वाले यात्रियों के वाहनों की जांच केवल एक बार हरिद्वार, देहरादून जिले की सीमा पर होगी। चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से हुई बैठक में डीजीपी अशोक कुमार ने यह निर्देश दिए।
बैठक में डीजीपी ने चारधाम यात्रा सीजन के दौरान यात्रा रूट पर यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किए जाने के लिए निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन को नोडल अधिकारी बनाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा रूट पर बोटल नेक चिह्नित कर परिवहन एवं लोकनिर्माण विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए। ओवर लोडिंग, ओवर स्पीडिंग, रैश, स्टंट ड्राइविंग, नशे की हालत में वाहन चलाने वालों, वाहनों का उपयोग आपराधिक गतिविधियों में करने वालों की चेकिंग एवं इन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस संचार अमित सिन्हा, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था- वी मुरुगेशन, पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना एवं सुरक्षा एपी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, फायर अजय रौतेला, पुलिस उप महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र सहित जनपद प्रभारी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, सेनानायक एसडीआरएफ व पुलिस उपाधीक्षक यातायात उपस्थित रहे।
पर्यटन पुलिस यात्रा के दौरान अहम भूमिका निभाएगी
पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल्स, कम्यूनिकेशन स्किल्स का विशेष प्रशिक्षण कराया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए चारों धामों के कपाट खुलने की तिथि, मार्गों की स्थिति, जाम होने पर उसकी रियलटाइम स्थिति उत्तराखंड पुलिस की वेबसाइट और सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर साझा की जाएगी। होमगार्ड एवं पीआरडी के जवानों को विशेष प्रशिक्षण देकर यात्रा मार्गों पर तैनात किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि डीएम के साथ समन्वय स्थापित करके जिला प्रभारी अपने-अपने जनपदों में पार्किंग की क्षमता एवं नए पार्किंग स्थलों को चिह्नित करें। यात्रा मार्गों पर अस्थायी अतिक्रमण को यथासंभव हटवाएं। यात्रा रूटों पर यातायात सुचारु रुप से संचालित किये जाने हेतु सभी जनपदों के पुलिस उपाधीक्षक यातायात को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर इसमें सभी जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। बैठक में आपदा प्रबंधन के लिए यात्रा मार्गों पर पूर्व से तैनात की गई एसडीआरएफ की टीमों के अतिरिक्त मोरी, घनसाली और गैरसैंण में एसडीआरएफ टीम तैनात करने का निर्णय लिया गया। जल पुलिस को भी अत्याधुनिक आपदा उपकरणों से लैस किया जाएगा।