लंबे समय से रोडवेज डिपो में बना चालकों का टोटा समाप्त होने की आस जग गई है। इसके लिए मंगलवार से देहरादून में संविदा पर चालकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू होगी। आरएम की मानें तो भर्ती में आचार संहिता रोड़ा न बने, इसके लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति ले ली गई है।
रुड़की सहित प्रदेश के अन्य डिपो में चालकों की किल्लत होने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। रुड़की में ही प्रतिदिन पांच-सात बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे न सिर्फ यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि रोडवेज की आय भी प्रभावित हो रही है। यही कारण है कि रुड़की डिपो में नौ चालकों की नियुक्ति के लिए स्थानीय स्तर से डिमांड भेजी गई है। इसके अलावा अन्य डिपो में भी चालकों की कमी है।
समस्या को देखते हुए परिवहन निगम ने संविदा पर चालकों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए 300 से अधिक लोगों ने आवेदन किए हैं। आचार संहिता से पहले शुरू की गई प्रक्रिया के बाद अब मंगलवार से नियुक्ति के लिए टेस्ट शुरू होने जो रहे हैं। इस संबंध में रोडवेज गढ़वाल मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप रावत का कहना है कि गढ़वाल मंडल में 160 संविदा चालकों की नियुक्ति होनी है। इसके लिए निर्वाचन आयोग से पहले ही अनुमति ली जा चुकी है।
रुड़की में आरएम ने की समीक्षा बैठक
रुड़की रोडवेज डिपो में सोमवार को देहरादून से पहुंचे क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप रावत ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें चालकों की समस्याओं और डिपो की आय-व्यय से अवगत कराया। इससे पहले उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांची।
वेतन न मिलने से कर्मियों में रोष
रुड़की रोडवेज डिपो में वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने आरएम के समक्ष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि डिपो के कर्मचारियों को हर माह वेतन के लाले पड़ रहे हैं। फरवरी समाप्त हो रही है, लेकिन अभी जनवरी का वेतन नहीं मिल पाया है। आरएम ने इसे मुख्यालय स्तर का मामला बताते हुए समस्या के समाधान के लिए प्रयास का भरोसा दिया।