-यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक के सहयोग से सितारगंज, पिथौरागढ़, रुद्रपुर, काशीपुर में होगा काम
-टीम ने शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी के अधिकारियों से की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कुमाऊं मंडल के चार शहरों में जल्द ही 1000 करोड़ की लागत से पेयजल योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। बुधवार को यूरोपियन इनवेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) के साउथ एशिया के प्रतिनिधि ने उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) के कार्यक्रम निदेशक अभिषेक रुहेला से मुलाकात की।
यूयूएसडीए की ओर से नगरीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के तहत सितारगंज, पिथौरागढ़, रुद्रपुर व काशीपुर में पेयजल आपूर्ति और वितरण प्रणाली के कार्य प्रस्तावित हैं। ईआईबी के साउथ एशिया प्रतिनिधि माइकल स्टीडल के उत्तराखंड पहुंचने पर कार्यक्रम निदेशक रूहेला ने स्वागत किया। रूहेला ने बताया कि यूयूएसडीए राज्य में विभिन्न नगरों में कार्य कर रहा है। सितारगंज, रुद्रपुर व काशीपुर राज्य के औद्योगिक नगरों के रूप में विकसित हो रहे हैं, जिससे यहां पर बुनियादी सुविधाओं के विकास की दिशा में पेयजल आपूर्ति और वितरण प्रणाली को विकसित किया जाना आवश्यक है।
वहीं, पिथौरागढ़ उच्च हिमालयी भूभाग में होने के कारण इसकी भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी क्षेत्रों से भिन्न हैं। इसी दिशा में ईआईबी विशेषज्ञों से परियोजना के लिए विशेष प्राथमिकता प्रदान करने का आग्रह किया ताकि परियोजनाओं के अभिलेखों की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके। रूहेला ने कहा कि परियोजना की डीपीआर पहले ही ईआईबी के साथ साझा की जा चुकी है।
स्टीडल ने बताया कि ईआईबी भारत में अक्षय ऊर्जा और मैट्रो आदि परियोजनाओं को वित्तपोषण प्रदान कर रहा है। भारत में यह पहली बार है कि ईआईबी पेयजल सेक्टर में उत्तराखंड में वित्तपोषण कर रहा है। वे समझते हैं कि उत्तराखंड पहाड़ी और मैदानी भू-भागों का संगम है। सितारगंज, रुद्रपुर व काशीपुर की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि एक समान होने के कारण इन नगरों के अभिलेखों को शीघ्र ही अंतिम रूप प्रदान कर दिया जाएगा। इस अवसर पर उप कार्यक्रम निदेशक संजय तिवारी, परियोजना प्रबंधक गुरुप्रीत सिंह देओल भी उपस्थित रहे।