आठ साल में पानी तो दूर पानी की लाइन तक नहीं डली। लेकिन जल संस्थान पानी के बिल जरूर भेजता रहा है। इतना ही नहीं, जब लोगों ने गलत तरीके से भेजे गए बिल जमा नहीं किए तो विभाग नोटिस पर नोटिस भेजने से भी बाज नहीं आया।
यह हुआ है ग्राम पंचायत ठाकुरपुर के उम्मेदपुर गांव के लोगों के साथ। शुक्रवार को परेशान लोगों ने आप कार्यकर्ताओं के साथ नेहरू कालोनी स्थित जल संस्थान मुख्यालय पहुंचकर अपना विरोध जताया।
जल संस्थान ने मंजूर भी कर दिया
शुक्रवार को जीएम एसके गुप्ता को आप के राजेंद्र नेगी ने बताया कि उम्मेदपुर के लोगों ने 2006 में पानी के कनेक्शन का पैसा जमा करा दिया था, इसे जल संस्थान ने मंजूर भी कर दिया था। लेकिन इसके बाद पानी की लाइन नहीं डाली गई।
क्षेत्रवासी अजय ने बताया कि आठ सालों से लोगों को पानी के बिल पहुंच रहे हैं। बिल जमा न होने की दशा में लगातार बकाया बढ़ता गया। अब लोगों को नोटिस पर नोटिस आने लगे। शुक्रवार को शिकायत आने के बाद मामले की पड़ताल की गई तो जल संस्थान ने अपनी गलती स्वीकारी, यही नहीं पानी के बिल निरस्त करते हुए जल्द लाइन डाले जाने की बात कही।
वर्ष 2006 में एक संस्था ने उम्मेदपुर में पानी के कनेक्शन के लिए भुगतान किया। संस्था ने यह राशि अपने स्तर से जमा की। तब जल संस्थान की ओर से भी कनेक्शन मंजूर कर दिए गए। हालांकि वहां पानी की लाइन नहीं बिछाई गई थी। लेकिन कनेक्शन स्वीकृत होने के बाद बिल जनरेट होकर जाने लगे। अब मामला संज्ञान में आने पर बिल निरस्त कर दिए गए हैं। क्षेत्र में पानी की लाइन बिछाए जाने के लिए सात लाख रुपये का स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया है।
- एसके गुप्ता, महाप्रबंधक (जल संस्थान)