फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसून में भी 24 गांवों में पेयजल संकट

विज्ञापन
साहिया क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पड़ी पेयजल लाइनें। - फोटो : VIKAS NAGAR
विज्ञापन
बरसात में भी जौनसार बावर के 24 से अधिक गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। क्षेत्र में औसत से कम बारिश के कारण जलस्रोत रिचार्ज नहीं हो सके हैं। वहीं, पेयजल लाइनों के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से इन गांवों में समस्या बनी हुई है। लोगों को तीन किमी दूर स्थित खड्ड की दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन

ग्रामीण नारायण सिंह तोमर, राजेंद्र सिंह, चमन सिंह, सतपाल राय, मोहन लाल शर्मा आदि का कहना है कि गर्मियां तो उन्होंने किसी तरह काट ली। सोचा था बरसात में पीने के लिए पर्याप्त पानी नसीब हो सकेगा, लेकिन अब तक मानसून ठीक से नहीं बरसा है। इस कारण जलस्रोत भी रिचार्ज नहीं हो सके हैं। लोगों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है। लोगों को तीन किमी दूर स्थित खड्ड से पानी लाना पड़ रहा है। इस पर भी लोगों को साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। कहा कि जगह-जगह पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से नलों में पानी नहीं चढ़ पा रहा है, टोंटियां सूखी पड़ीं हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में अधिकारियों से नई पेयजल लाइन बिछाने की मांग की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने बजट की कमी बता हाथ खड़े कर दिए। कहा कि बरसात में खड्ड का दूषित पानी पीने से लोगों को बीमारियों का खतरा भी सताने लगा है।
विज्ञापन

----
इन गांवों में बनी है पेयजल किल्लत
जौनसार बावर क्षेत्र के सुरेऊ, भंजरा, उभरेऊ, दातनू, उद्पाल्टा, अलसी, नागथात, माख्टी,चामड़ी, किमोटा, कनबुवा, कोटी कॉलोनी, बिसोई, मलेथा, उपरोली, साहिया बाजार, तारली समेत 24 से अधिक गांवों में बरसात में भी लोगों को पीने के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
----
कुछ जगहों से पेयजल लाइन को गलत तरीके से बिछाए जाने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच कराई जा रही है। जल संस्थान के अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गांव में पेयजल आपूर्ति कराने के निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन

- डॉ. अपूर्वा सिंह, एसडीएम, कालसी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें