उत्तराखंड में रामनगर के एक सरकारी अस्पताल में एक्सीडेंट में घायल हुए स्कूटी सवार के जख्म पर पैंट के बाहर से ही मरहम पट्टी कर दी गई।
रामनगर के रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय डॉक्टरों की कमी है। इस कारण अस्पताल में आने वालों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार को संयुक्त चिकित्सालय के स्वास्थ्यकर्मियों ने घाव से कपड़ा हटाए बिना पट्टी बांधकर नया कारनामा कर दिया।
स्कूटी सवार दंपति समेत उनके दो बच्चे भी घायल हुए
ग्राम पूछड़ी निवासी गणेश पांडेय ने बताया कि वह अपनी पत्नी जानकी, बच्चे अनुज, दीपांशु के साथ मंगलवार को गर्जिया मंदिर से लौट रहे थे कि तभी ग्राम ढिकुली लदुआ के पास अज्ञात टैंपो ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी।
इससे स्कूटी सवार दंपति समेत उनके दो बच्चे भी घायल हो गए। संयुक्त चिकित्सालय में उनका उपचार किया गया।
उसने थाने में आकर पुलिस को तहरीर दी। इस दौरान लोगों की नजर गणेश के घुटने पर पड़ी। देखा कि चिकित्साकर्मियों ने पेंट हटाए बिना घुटने पर पट्टी बांध दी। पेंट से पट्टी सरकने के कारण घाव खुला रह गया।
मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी
इस पर वहां मौजूद सभी लोगों ने चिकित्साकर्मियों की लापरवाही पर रोष जताया। उनका कहना था कि अव्यवस्थाओं का केंद्र यह अस्पताल रेफर सेंटर बन चुका हैं।
यहां सर्जन, महिला डॉक्टर के पद खाली हैं। डॉक्टर की मान्यता छिनने से अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो पा रहे हैं लेकिन पट्टे बांधने वाले कर्मचारी तो लापरवाही की सारी हदें ही पार कर दीं।
वहीं कार्यवाहक सीएमएस टीके पंत ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। कपड़ा हटाए बिना पट्टी बांधना गलत है। मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।