जेल में कैदियों की सुरक्षा कैसे करनी है, हमसे सीखो। बात करते हैं सुद्धोवाला जेल की। यहां 1031 कैदियों पर नजर रखने के लिए मात्र 26 बंदी रक्षक तैनात हैं। जबकि जेल सुरक्षा मानकों की मानें तो 171 कैदियों पर 31 बंदी रक्षक होने जरूरी हैं।
हथियार के नाम पर लाठी उपलब्ध
खूंखार कैदी हंगामा करें या फिर जेल से भागने की कोशिश करें तो इन्हें नियंत्रित करने के लिए हथियार के नाम पर बंदी रक्षकों के पास लाठी उपलब्ध है। कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए 29 सीसीटीवी में से कई खराब पड़े हैं। नाइट विजन के लिए व्यवस्था नहीं है। 22 फीट ऊंची दीवार जिस पर दो फीट तक कंटीली तार लगाई गई है, बंदी रक्षकों का ब्रह्मास्त्र है।
सुद्धोवाला जेल में वर्तमान में 1031 कैदी विभिन्न मामलों में सजा काट रहे हैं। इन पर निगहबानी के लिए मात्र 26 बंदी रक्षक हैं। जेल सुरक्षा मानकों के अनुसार 171 कैदियों पर 31 बंदी रक्षक होने चाहिए। बंदी रक्षकों के पद कई वर्षों से भरे जाने हैं। एक तो बंदी रक्षकों का टोटा ऊपर से सुरक्षा इंतजाम न होना।
इसका फायदा उठाकर 30 अगस्त 2012 को कुख्यात हत्यारे सलीम और रवि मंडल जेल से भाग गए थे। उसके बाद जेल प्रशासन कुछ चेता और शासन को खाली पड़े बंदी रक्षकों के पद भरने को लिखा। शासन ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी राज्य प्राविधिक शिक्षा परिषद को दी।
बेरोजगारों ने आवेदन किया
2012 के मध्य में परिषद ने सौ से ज्यादा पदों के लिए फार्म जारी किए। एक हजार से ज्यादा बेरोजगारों ने आवेदन किया। लेकिन प्राविधिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा नहीं कराई। जेल अधीक्षक जेपी पांडे बताते हैं कि परीक्षा प्राविधिक शिक्षा परिषद को करानी है। कई बार उन्हें रिमाइंडर भी भेजा है। पता नहीं कहां पर दिक्कत आ रही है।
खबर पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें