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इंजीनियरिंग छात्रों को इंटर्नशिप कराएगा डीआरडीओ, उद्योगों को देगा टेक्नोलॉजी और वित्तीय मदद

Mon, 31 Aug 2020 03:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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DRDO - फोटो : ट्विटर
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) प्रदेश के युवाओं और इंजीनियरिंग के छात्रों को देहरादून स्थित आईआरडीए समेत कई अन्य लैब में प्रशिक्षण देगा और उन्हें इंटर्नशिप कराएगा। रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीआरडीओ चेयरमैन डॉ. सतीश रेड्डी के बीच इस पर सहमति बनीं।

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डॉ. रेड्डी ने मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उत्तराखंड में रक्षा क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा हुई। हाल में केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में 101 रक्षा उपकरणों के विदेशी आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है। ऐसे में उत्तराखंड में रक्षा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।   

डीआरडीओ की लैब को उत्तराखंड में उद्योगों से जोड़ने एवं सीमांत इलाकों में खेती किसानी से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के औद्योगिक सलाहकार डॉ. केएस पवार एवं डीआरडीओ प्रमुख के प्रौद्योगिक सलाहकार संजीव जोशी भी उपस्थित रहे।

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उद्योगों को टेक्नोलॉजी और वित्तीय मदद देगा डीआरडीओ 

रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के चेयरमैन सतीश रेड्डी ने स्थानीय उद्यमियों का डीआरडीओ के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए संगठन निशुल्क टेक्नोलॉजी देगा और वित्तीय मदद करेगा। इस संबंध में उन्होंने दून, हरिद्वार, रुड़की के उद्यमियों से बातचीत की। 

दून स्थित आईआरडीई के गेस्ट हाउस में उद्यमियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि देश अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहता है। इसके लिए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत मुहिम शुरू की है। उन्होंने सरकार की स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र से जुड़े 101 उत्पाद ऐसे हैं, जिन्हें अब आयात की सूची से हटा दिया है। यह इसलिए किया गया, क्योंकि इनकी टेक्नोलॉजी हमारे पास उपलब्ध है। कोशिशें की जा रही हैं इन उपकरणों को यहीं तैयार किया जाए। देशभर में करीब एक हजार इंडस्ट्री ऐसी हैं जो डीआरडीओ के साथ मिलकर काम कर रही हैं। डीआरडीओ की ओर से उन्हें टेक्नोलॉजी के साथ ही लैब आदि की हर सुविधा दी जा रही है।
 
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड रक्षा क्षेत्र के उद्योगों के लिए मुफीद है। यहां रक्षा क्षेत्र की चार बड़ी लैब उपलब्ध हैं। इसलिए जो भी उनके साथ जुड़कर रक्षा क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। रक्षा उद्योगों को प्रमोट करने के लिए डीआरडीओ ने निर्णय लिया है कि जो उद्योग उनके साथ मिलकर काम करेंगे उन्हें टेक्नोलॉजी के लिए कोई फीस नहीं चुकानी पड़ेगी और रॉयल्टी भी डीआरडीओ उनसे नहीं लेगा।

इसके साथ ही प्राथमिक चरण में इंडस्ट्री को विकसित करने के लिए डीसीपीपी स्कीम के तहत डीआरडीओ इंडस्ट्री को फंडिंग भी करेगा। इस दौरान डिफेंस इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल, जीएन राव, पंकज गुप्ता, महाप्रबंधक ओएलएफ एसएस यादव, डॉ. वीके दास डायरेक्टर आईआरडीई, ज्वाइंट डायरेक्टर आईआरडीई केसी बहुगुणा आदि मौजूद थे। 
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