डीआरडीओ (रक्षा शोध एवं विकास संगठन) प्रमुख अविनाश चंद्र को केंद्र की ओर से बर्खास्त किए जाने के पीछे एक नहीं कई वजहें मानी जा रही हैं।
‘करप्शन इन डीआरडीओ’
डीआरडीओ के महानिदेशक व रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार अविनाश चंद्र के खिलाफ शिकायतें रक्षा मंत्रालय के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक भी पहुंचीं थीं।
ऐसे कई खुलासे देहरादून से रक्षा संस्थान की गतिविधियों पर संचालित होने वाली ‘करप्शन इन डीआरडीओ’ वेबसाइट ने सूचना के अधिकार में मिली जानकारियों के आधार पर किए हैं।
डीआरडीओ में पदोन्नति और तैनातियों को लेकर कई विवाद रहे हैं। वेबसाइट को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्ट किया है कि एडवांस सिस्टम लैब हैदराबाद के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने डीआरडीओ प्रमुख के खिलाफ शिकायत दी थी कि वरिष्ठता को दरकिनार कर अन्य को पदोन्नति दी गई।
एडवांस सिस्टम लैब हैदराबाद में अनुबंध पर कुछ नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। ये भी कहा गया कि नियुक्तियों का खेल लंबे समय से चल रहा है। पूर्व डीजी के खिलाफ संस्थान के वैज्ञानिकों के रिश्तेदारों को नियमों को ताक पर रख नियुक्ति देने की भी सेंट्रल विजिलेंस जांच में पुष्टि हो चुकी है।
इसी के साथ डॉ. चंद्र की तैनाती की वैधानिकता को लेकर अगस्त 2014 में एक शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई है, जिसमें कई पत्रावलियां संलग्न हैं।